
असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 57 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।
गहराई से जांच करने के बाद सामने आया है कि ये लोग पहले जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में कबाड़ का काम करते थे। इसके बाद ये सभी दिल्ली पहुंचे आये और उसके बाद ये सभी रेल से गुवाहाटी जा रहे थे। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों की पहचान, राष्ट्रीयता और उनके पास मौजूद दस्तावेजों जिसमें फर्जी आधार या अन्य पहचान पत्र शामिल हैं। इन सभी की गहराई से जांच की जा रही है।
असम में हाल ही में बड़े स्तर पर चलाए गए अभियानों में बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। असम के ग्वालपाड़ा शहर में एसटीसी बस अड्डे के पास बच्चों समेत 12 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है, जो बांग्लादेश के सिलहट और मौलवी बाजार के रहने वाले हैं।
गुवाहाटी के पलटन बाजार स्थित ‘शांति लॉज’ और होटलों से 13 अन्य संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों जिसमें 4 पुरुष, 4 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल हैं, को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि ये लोग पिछले 10 से 15 साल से जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और दिल्ली में रह रहे थे और वहां पुलिस कार्रवाई के बाद असम के रास्ते बांग्लादेश भागने की फिराक में थे।
न्यू बोंगईगांव रेलवे स्टेशन पर सरकारी रेलवे पुलिस और बोंगईगांव पुलिस के संयुक्त अभियान में 9 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे जिनके पास से फर्जी आधार कार्ड और बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद हुआ था। असम पुलिस और प्रशासन द्वारा पकड़े गए कई घुसपैठियों और संदिग्ध नागरिकों को ‘इमिग्रेंट्स (एक्सपल्शन फ्रॉम असम) एक्ट’ के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी करके वापस भेजा जा रहा है।