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कॉकरोचों के प्रदर्शन पर OHCHR की टिप्पणी गलत: भारत के जिनेवा मिशन ने कहा- यह आंतरिक मामला

दिल्ली में कॉकरोचों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने सामूहिक हिरासत पर चिंता जताई, जबकि भारत के जिनेवा मिशन ने इसे गलत और आंतरिक मामला करार दिया।

Published by
कुलदीप सिंह

दिल्ली में कॉकरोचों के प्रदर्शन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम किया जा रहा है। इस पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने चिंता जाहिर की थी। इस पर अब जेनेवा स्थित भारत के राष्ट्रीय मिशन सिद्धांत सिब्बल ने OHCHR की चिंताओं को गलत करार दिया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि ये भारत का आंतरिक मामला है।

दरअसल, एक दिन पहले कॉकरोचों ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था। कॉकरोचों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की व्यवस्था को खराब करने की कोशिश की थी।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले और दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया। इनमें प्रदर्शनकारी, उनके नेता, नागरिक समाज के सदस्य, वकील और पत्रकार भी शामिल थे। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या तीन हजार से सात हजार तक बताई गई। कई लोगों को जंतर मंतर पहुंचने से रोका गया। शाम को कुछ लोगों को छोड़ भी दिया गया।

क्या कहा था संयुक्त राष्ट्र ने

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के प्रवक्ता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बड़े प्रदर्शन से पहले और दौरान प्रदर्शनकारियों, नेताओं, नागरिक समाज के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों की सामूहिक हिरासत की खबरें आई हैं। उन्होंने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का सम्मान करने, संयम बरतने और मनमाने तरीके से हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की अपील की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की चिंताओं पर सार्थक बातचीत करने की भी सलाह दी।

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भारत सरकार का जवाब

भारत की जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र स्थायी मिशन ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि OHCHR की चिंताएं गलत जगह पर हैं और यह भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक दखल है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां शांतिपूर्ण सभा का अधिकार संविधान में गारंटीशुदा है। इसे मजबूत संस्थान, स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया सुरक्षित रखते हैं। हर लोकतंत्र की तरह भारतीय नागरिक यह अधिकार जन व्यवस्था के हित में उचित पाबंदियों के साथ इस्तेमाल करते हैं। अधिकारी कानून के मुताबिक काम करते हैं और कोई भी शिकायत के लिए अदालत जा सकता है।

भारत ने यह भी कहा कि OHCHR को अपनी निष्पक्षता और गैर-चयनात्मकता के जनादेश के मुताबिक दुनिया के दूसरे हिस्सों में हो रहे बड़े प्रदर्शनों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।

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