नई दिल्ली। एसआईआर और भाजपा नीत एनडीए सरकार का विरोध करते-करते विपक्ष पर गुरु घर की मर्यादा को नुकसान पहुंचाने का बड़ा आरोप लगा है। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और भाजपा के नेताओं ने इस पर कड़ आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेता बिना शर्त माफी मांगें।
शनिवार 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर पुलिस जाते दिखी। इस पर अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी और अमित शाह जी, सिखों की आस्था और गुरुद्वारों की मर्यादा कोई राजनीतिक नौटंकी नहीं है, जिसका इस्तेमाल पंजाब में वोट माँगने के लिए करो और दिल्ली में उसी मर्यादा को तार-तार कर दो! क्या दिल्ली में वोट चोरी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले युवाओं को डिटेन करने के लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब तक पुलिस भेज दी? युवाओं को डरा सकते हो, उनकी आवाज़ नहीं दबा सकते। वोट चोरी का हिसाब तो देना ही पड़ेगा!
गुरु घर हमारी आस्था का केंद्र
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह कहलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने गुरु घर की मर्यादा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। गुरु घर हमारी आस्था का केंद्र है, राजनीतिक स्वार्थ का मंच नहीं। इसकी मर्यादा से कोई समझौता नहीं हो सकता।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के माननीय अध्यक्ष और माननीय महासचिव महोदय की ज़ुबानी सुनिए कि किस तरह केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने गुरु घर की मर्यादा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाया है।
गुरु घर हमारी आस्था का केंद्र है, राजनीतिक स्वार्थ का मंच नहीं। इसकी मर्यादा से कोई समझौता… pic.twitter.com/550JXcs6a3
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) October 10, 2026
सिख समाज और संगत से तत्काल माफी मांगें केजरीवाल
भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी केजरीवाल को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह पवित्र परिसर गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब जी का है, गुरबाणी, सेवा, अरदास और सिख मर्यादा का पावन स्थान। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केजरीवाल के लोग गुरु घर के पवित्र आंगन को अपने राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी का मंच बना रहे हैं और केजरीवाल जी इस कृत्य को सही ठहराने में लगे हैं। राजनीति की भी एक सीमा और मर्यादा होती है। गुरु घर किसी राजनीतिक दल का अखाड़ा नहीं है। सत्ता की भूख में गुरु घर की मर्यादा और संगत की आस्था को चोट पहुंचाना न केवल निंदनीय है, बल्कि पूरी सिख संगत की भावनाओं का अपमान है। केजरीवाल जी और इस कृत्य का समर्थन करने वाले तमाम नेताओं को सिख समाज और संगत से तत्काल बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। सियासत कहीं और कीजिए, गुरु घर की पवित्रता और मर्यादा से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। गुरु की मर्यादा सर्वोपरि है!















