पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में विपक्ष का दुष्प्रचार ध्वस्त हो गया है, इस सीट से भाजपा की बड़ी जीत हुई है। इसने साबित कर दिया है कि राज्य की जनता भाजपा सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। भाजपा ने उपचुनाव में तीन चौथाई वोट लेकर जीत दर्ज की है। भाजपा की यह जीत 2026 के आम चुनाव से भी बड़ी है क्योंकि उस समय भाजपा के सुवेंदु अधिकारी 50 प्रतिशत वोट लेकर इस सीट पर जीते थे।
हासीरानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1.20 लाख से भी मतों के अंतर से हराया। इस उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC), बागी टीएमसी, वामदल और हुमायूं कबीर की पार्टी आमने-सामने थे।
शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी को हराया था
इस सीट पर 2021 में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारी शिकस्त दी थी। अपनी दोबारा हार के डर से ममता बनर्जी 2026 में इस सीट से चुनाव लड़ने का हिम्मत ही नही जुटा सकी थीं। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में भबानीपुर विधानसभा सीट से दोबारा ममता बनर्जी को चुनावी मात देकर ऐसे पहले व्यक्ति बने जिन्होंने लगातार दो बार अलग अलग सीटों से राज्य के मुख्यमंत्री को चुनाव में पराजित किया है।
ममता बनर्जी उपचुनाव से भागीं
शुभेंदु अधिकारी द्वारा नंदीग्राम सीट खाली करने के बाद कयास लगाया जा रहा था की ममता बनर्जी उपचुनाव में अपनी समाप्त होती राजनीतिक रसूख को बचाने के लिए इस सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं मगर ममता बनर्जी इतना साहस नही जुटा सकीं।
उमर अब्दुला की सीट पर उनकी पार्टी की हार
ऐसा नही है कि मुख्यमंत्री द्वारा खाली किये जाने वाली विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री के पार्टी का उम्मीदवार चुनाव जीत जाता है। 2024 में जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुला ने दो विधानसभा सीट गांदरबल और बड़गाम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों सीट पर जीत हासिल की थी। उमर अब्दुला ने अपने पारवारिक विधानसभा की सीट गांदरबल को अपने पास बनाये रखते हुए बड़गाम सीट को खाली कर दिया था।
बड़गाम सीट पर उपचुनाव में उमर अब्दुला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस चुनाव हार गई । इतना ही नही बल्कि इस सीट पर नेशनल कांफ्रेंस का वोट घटकर 54 प्रतिशत से घटकर आधा 27 प्रतिशत रह गया था।
















