नौकरी करने वाले लोगों के लिए PF का पैसा काफी अहम होता है। हर महीने सैलरी से कटकर जमा होने वाली यह रकम भविष्य में जरूरत पड़ने पर काम आती है। ऐसे में अगर कोई आपकी PF से जुड़ी जानकारी चुराने की कोशिश करे, तो आपकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। आजकल साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इसी को देखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
आजकल लोगों को SMS, ईमेल और WhatsApp पर कई तरह के मैसेज मिलते हैं। इनमें KYC अपडेट करने, PF अकाउंट की समस्या दूर करने या जरूरी जानकारी देने के नाम पर लिंक भेजे जाते हैं। कई बार ठग खुद को EPFO का अधिकारी बताकर भी फोन करते हैं। उनकी बातों में आकर लोग अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए सदस्यों को अनजान लिंक से दूर रहने और अपनी जरूरी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है।
PF अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये तरीके
⚠️ साइबर सुरक्षा सलाह: केवल EPFO की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अपना UAN, पासवर्ड, OTP, आधार, PAN या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।#FraudAlert #EPFO #EPFOWithYou #HumHainNa #ईपीएफओ pic.twitter.com/sADqLtFKQq
— EPFO (@officialepfo) October 7, 2026
- अनजान लिंक से बचें: SMS, ईमेल या सोशल मीडिया पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें।
- निजी जानकारी न करें साझा: अपना UAN, PPO, OTP, पासवर्ड, आधार, PAN और बैंक खाते की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
- वेबसाइट का पता जांचें: PF से जुड़ी सेवाओं के लिए EPFO की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। लॉगिन करने से पहले URL और उसकी स्पेलिंग ध्यान से देखें।
- फर्जी कॉल से रहें सावधान: अगर कोई व्यक्ति खुद को EPFO अधिकारी बताकर आपसे OTP या पासवर्ड मांगता है, तो उसे कोई जानकारी न दें।
- ठगी होने पर शिकायत करें: अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। EPFO ने स्पष्ट किया है कि वह फोन कॉल, WhatsApp, SMS, सोशल मीडिया या ईमेल के जरिए सदस्यों से OTP, पासवर्ड और लॉगिन क्रेडेंशियल नहीं मांगता। इसलिए किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें।












