पश्चिम बंगाल

बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कसा शिकंजा, बंगाल में फर्जी आधार सेंटर का पर्दाफाश, SIR से फर्जी वोट डालने का खुलासा

सरकार की कार्रवाई से पश्चिम बंगाल में छिपे बैठे बांग्लादेशी घुसपैठियों में हड़कंप मचा हुआ है

Published by
अभय कुमार

पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड, आवासीय प्रमाण पत्र और मतदाता पहचान पत्र बनाने वालों पर शिकंजा कसा गया। बंगाल में छिपे बांग्लादेशी घुसपैठियों में हड़कंप मचा हुआ है।

सिलीगुड़ी के गिरोह का पर्दाफाश

सिलीगुड़ी के शीशाबाड़ी क्षेत्र में आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान फर्जी आधार सेंटर का पर्दाफाश हुआ। इसे चलाने वाला मुख्य आरोपी रिपन राय फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने उसकी पत्नी पवित्र रानी और फर्जी आधार कार्ड बनवाने पहुंचे दो बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए लोगों से उसे बड़ा सुराग मिल सकता है। इससे बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के खिलाफ कार्रवाई को गति मिल सकेगी।

शुरुआती जांच में सामने आया कि रिपन राय करीब आठ साल पहले अवैध रूप से भारत आया था और उसने पहले खुद के फर्जी दस्तावेज बनवाए फिर इस नेटवर्क का विस्तार किया। उसे प्रति ग्राहक लगभग 2000 रुपये की अवैध कमाई होती थी। उसने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके शीशा बाड़ी में जमीन खरीदी और वहां मकान बनाया। तीन साल पहले उसने इसी मकान में एक फर्जी आधार सेंटर खोला और बेरोकटोक चला रहा था। फर्जी दस्तावेजों के सहारे पहचान बनाकर वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मताधिकार का इस्तेमाल भी किया। एसआइआर की प्रक्रिया में उसका और उसकी पत्नी का मतदाता पहचान पत्र रद्द कर दिया गया था।

ममता सरकार का मौन समर्थन

ममता बनर्जी के सरकार में इस प्रकार के लोगों पर कार्रवाई नहीं होती थी। अब स्थिति बदल गई है और ऐसे लोगों पर कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। ममता सरकार में पश्चिम बंगाल से ऐसे लोगो को नागरिकता, आधार और मतदाता पहचान पत्र देकर देश के अलग अलग स्थानों पर बसने में मदद किया जा रहा था।

पहचान बदलकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बसाया गया

बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को नाम बदलकर और हिंदू नाम देकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बसाया जा रहा था। ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे थे। ऐसे लोगो पर पुरे देश में कड़ी कार्रवाई किया जा रहा हैं और जम्मू कश्मीर से लगभग 300 लोगो को वापस भेजा जा रहा हैं। आनेवाले दिनों में इनके खिलाफ और भी आक्रमक कार्रवाई किये जाने की संभावना हैं जिससे अवैध बांग्लादेशियो और रोहंगियायो में खलबली का माहौल हैं और वे स्वयं से देश छोड़कर भागने का तरीका खोज रहे हैं।

 

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