चीफ सेक्रेटरी आनंद बर्धन ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों का रिव्यू करते हुए, अलग-अलग कंस्ट्रक्शन और दूसरे ज़रूरी कामों को तय समय में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो काम एक साथ किए जा सकते हैं, उन्हें प्रायोरिटी के आधार पर एक साथ पूरा किया जाना चाहिए, ताकि समय का सही इस्तेमाल हो सके और कुंभ मेले से जुड़े सभी ज़रूरी इंतज़ाम समय पर पूरे किए जा सकें।
कुंभ 2027 की डिजिटल तैयारी
चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि अभी से ज़रूरी प्लानिंग कर ली जाए ताकि कुंभ मेला 2027 के लिए ज़रूरी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता जनगणना और चुनाव से जुड़े कामों की वजह से प्रभावित न हो। उन्होंने संबंधित डिपार्टमेंट को कुंभ मेले के लिए ज़रूरी ह्यूमन रिसोर्स का असेसमेंट करने और समय पर डिप्लॉयमेंट प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र में साइनेज की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइनेज पर QR कोड लगाकर उस स्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व समेत ज़रूरी जानकारी भक्तों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, कुंभ एरिया में अलग-अलग जगहों और सुविधाओं के बारे में जानकारी देने के लिए एक खास ऐप भी बनाया जा सकता है।
कुंभ की तैयारियों में तेजी
मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेले के लिए की गई स्थायी व्यवस्थाओं के कुंभ के बाद भी संचालन और रखरखाव के लिए अभी से योजना तैयार कर ली जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि टेम्पररी पुलों के कंस्ट्रक्शन पर लगातार नज़र रखी जाए और नवंबर के आखिर तक इसे पूरा कर लिया जाए। मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला क्षेत्र में पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं सरकारी एजेंसियों की भूमि पर पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए किए जाने वाले आवश्यक कार्य तत्काल प्रारम्भ किए जाएं, ताकि इन व्यवस्थाओं को समय रहते तैयार किया जा सके। उन्होंने नहरबंदी के दौरान किए जाने वाले कार्यों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करते हुए इस अवधि का अधिकतम उपयोग करने की बात कही। कहा कि सभी जरूरी कामों की तैयारी पहले से पूरी कर ली जाए और काम तय समय में पूरा कर लिया जाए।
कुंभ कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने सिंचाई एवं पेयजल विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कुम्भ मेला प्रारंभ होने से पहले कार्य संपन्न कराये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेलाधिकारी एवं सम्बन्धित विभागाध्यक्ष स्वयं इन कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक वैकल्पिक मार्गों एवं व्यवस्थाओं को समय से तैयार किया जाए। मुख्य सचिव ने मेला अधिकारी को कुंभ से जुड़े कामों का रेगुलर ऑन-साइट इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाले किसी भी प्रकार की समस्याओं से तत्काल अवगत कराया जाए, ताकि सम्बन्धित विभाग के साथ समन्वय कर उसका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेष कुमार झा, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनन्द स्वरूप एवं मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

















