अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना को लेकर अपना नजरिया साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक इसके पीछे ईरान का हाथ है। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मामले में थोड़ा सावधानी से बात की। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई पक्का सबूत नहीं मिला है।
ट्रंप का बयान
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे मानते हैं कि फ्लाईदुबई की घटना के पीछे ईरान है, तो उन्होंने साफ जवाब दिया – “मैं मानता हूं। व्यक्तिगत रूप से मैं मानता हूं।” ट्रंप ने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने बस अपना व्यक्तिगत विचार बताया।
वेंस ने क्या कहा
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मामले पर ज्यादा आगे बढ़कर कुछ नहीं कहा। उन्होंने बताया कि यह मामला अमेरिकी खुफिया एजेंसियां देख रही हैं। उन्होंने टाइम्स ऑफ इजरायल से बात करते हुए कहा, “मैं इस बारे में सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और खुफिया विभाग के लोगों पर छोड़ता हूं।”
वो ये भी कहते हैं, “मैं किसी घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता। हम इस पर जरूर नजर रखे हुए हैं, लेकिन अभी तक मैंने कुछ पक्का नहीं देखा है।”
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विदेशी पायलटों को लेकर चिंता
वेंस से जब अमेरिका में विदेशी पायलटों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति के बारे में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
वेंस ने आगे कहा, “जब भी कोई व्यक्ति अमेरिका के बाहर से आता है, तो हमें बहुत सावधानी से देखना चाहिए कि वह अच्छा इंसान है या नहीं और अमेरिकी समाज में योगदान देगा या नहीं। 9/11 की घटना भी यही सिखाती है कि हमने बहुत से ऐसे लोगों को अमेरिका में आने दिया जो यहां नहीं आने चाहिए थे और खासकर प्लेन नहीं उड़ाने चाहिए थे।”
उन्होंने यह भी बताया कि फ्लाईदुबई घटना के संदिग्ध के बारे में पहले भी कुछ चिंताएं थीं। अमेरिका अब अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है ताकि फ्लाइट रिस्क वाले लोग प्लेन न चला सकें।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि 30 सितंबर को फ्लाईदुबई का विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उसमें करीब 170 यात्री सवार थे। उसी दौरान को-पायलट हमाम अल हम्मामी ने पायलट स्मिट मच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। लेकिन क्रू और यात्रियों ने मिलकर इस हमले को रोक दिया। यूएई इस घटना की अंतरराष्ट्रीय जांच की अगुवाई कर रहा है।
















