इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की। उन्होंने कैप्टन को हीरो बताया और इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का निमंत्रण दिया। साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस समारोह में आमंत्रित किया।
घटना क्या हुई थी
30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में करीब 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू या कुल्हाड़ी जैसी चीज से हमला कर दिया। को-पायलट का इरादा विमान को क्रैश करने का बताया जा रहा है। विमान तेजी से हजारों फीट नीचे गिरने लगा।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्री और क्रू सदस्य अंदर आ सके और हमलावर को काबू कर लिया। विमान सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कर सका। सभी यात्री सुरक्षित रहे।
नेतन्याहू की बातचीत
नेतन्याहू ने कैप्टन से बात करते हुए कहा कि आप इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के हीरो हैं। उन्होंने कैप्टन की बहादुरी की तारीफ की कि घायल होने के बावजूद उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया और दरवाजा खोलकर बाकी लोगों को मौका दिया। नेतन्याहू ने कैप्टन को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए बुलाया। यह सम्मान आमतौर पर इजरायली नागरिकों को दिया जाता है।
इसे भी पढ़ें: बड़ा खुलासा: फ्लाईदुबई को-पायलट ने कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला कर विमान गिराने की कोशिश की
कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय हैं। मूल रूप से गुजरात से संबंध रखते हैं। उन्होंने पहले स्पाइसजेट में करीब 11 साल काम किया। जून 2022 से फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में काम कर रहे हैं। बोइंग 737 पर उनका लंबा अनुभव है। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में दुबई ले जाया गया।
PM मोदी, डोनाल्ड ट्रंप ने भी की स्मित मच्छार की तारीफ
अन्य प्रशंसाएंइस घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन को हीरो बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी तारीफ की। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि कैप्टन की वजह से 174 लोगों की जान बच गई, जिनमें कई इजरायली नागरिक शामिल थे। नेतन्याहू ने कैप्टन से बातचीत में उनके साहस और कठिन स्थिति में शांत दिमाग की तारीफ की। कैप्टन ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि को-पायलट ने प्रार्थना करने की बात कही थी और फिर अचानक हमला कर दिया। घायल अवस्था में भी उन्होंने आखिरी ताकत से दरवाजा खोला।












