राजस्थान

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे केंद्र: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की भीलवाड़ा बैठक में बड़ा प्रस्ताव!

Mangarh Dham: वनवासी कल्याण आश्रम ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की। भीलवाड़ा बैठक में 1500 जनजातीय बलिदानियों के सम्मान में प्रस्ताव पारित।

Published by
Shivam Dixit

भीलवाड़ा। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की। भीलवाड़ा में चल रही अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के केन्द्रीय कार्यकारी मण्डल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर यह मांग की गई। इस संदर्भ में पत्रकार वार्ता में कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह जी ने जानकारी प्रदान की।

प्रस्ताव में कहा गया कि 17 नवम्बर 1913 को वागड़ क्षेत्र के संत गोविंद गुरु जी के नेतृत्व में चल रहे भगत आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजी शासन ने मानगढ़ धाम में भीषण गोलीकांड किया था, जिसमें 1500 से अधिक जनजातीय महिला, पुरुष और बच्चे मारे गए थे।

यह घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड से छह वर्ष पूर्व हुई थी और स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय समाज के अद्वितीय बलिदान का महत्वपूर्ण अध्याय है।

गोविंद गुरु के नेतृत्व में भगत आंदोलन और जनजातीय संघर्ष

कल्याण आश्रम ने कहा कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में भगत आंदोलन ने अंग्रेजी शासन के दमनकारी कानूनों के विरुद्ध जनजागरण के साथ जनजातीय समाज की संस्कृति, आस्था और जीवन-मूल्यों को भी जागृत किया था।

मानगढ़ की घटना ने राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के जनजातीय क्षेत्रों में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष की चेतना को और व्यापक किया।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवम्बर 2022 को मानगढ़ धाम पहुंचकर बलिदानी जनजातीय समाज को श्रद्धांजलि दी थी। राष्ट्रपति ने भी 4 अक्तूबर 2024 को मानगढ़ धाम पहुंचकर बलिदानियों को नमन किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा भी मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में मान्यता देने की बात कही जा चुकी है।”

वनवासी कल्याण आश्रम की केंद्र और राज्य सरकारों से प्रमुख मांगें

बैठक में पारित प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:

  • राष्ट्रीय स्मारक: केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के साथ उसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप संरक्षण और विकास सुनिश्चित करने का आग्रह।
  • पाठ्य-पुस्तकों में स्थान: राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश सरकारों से स्कूल-कॉलेजों की पाठ्य-पुस्तकों में मानगढ़ के इतिहास को उचित स्थान देने की मांग।
  • सामूहिक प्रयास: केन्द्रीय कार्यकारी मण्डल ने सामाजिक-धार्मिक नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों से भी इस विषय पर मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने की अपील की।

पत्रकार वार्ता में कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तेची गुबिन, राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के अध्यक्ष थावरचंद डामोर उपस्थित रहे।

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