नई दिल्ली/केरल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक एम.ए. कृष्णन, जिन्हें आदर से ‘एमए सर’ भी कहा जाता था, के देवलोकगमन पर संघ नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है. वे पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के प्रतीक थे तथा उनके जाने से राष्ट्रवादी आंदोलन को एक अपूरणीय क्षति हुई है.
संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने एक शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि एमए सर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, जिन्होंने केरल में ‘बालगोकुलम’ और ‘तपस्या’ की स्थापना की थी.
संघ के स्तंभों में से एक थे M.A सर
शोक संदेश में कहा गया है कि एमए सर केरल में संघ के सबसे शुरुआती स्तंभों में से एक थे, जिन्होंने अत्यंत कठिन समय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस आंदोलन को खड़ा करने के लिए अथक संघर्ष किया था.
“श्री एम.ए. कृष्णन के निधन से हमने न केवल केरल के एक समर्पित और प्रतिबद्ध वरिष्ठ प्रचारक को खो दिया है, बल्कि एक ऐसे मनीषी को खोया है जिनकी बहुमुखी प्रतिभा ने समाज को दिशा दी। हम उनकी स्मृतियों को सादर नमन करते हैं।” – मोहन भागवत जी (सरसंघचालक) और दत्तात्रेय होसबाले (सरकार्यवाह), आरएसएस
संघ नेतृत्व ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के सदस्यों, अनगिनत प्रशंसकों और एमए सर के जीवन से प्रेरणा लेने वाले तमाम लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं.
राष्ट्रवादी आंदोलनों और संस्कृति को दी नई दिशा
मुख्य बिंदु:
- संस्थापक योगदान : उन्होंने ‘बालगोकुलम’ और ‘तपस्या’ जैसी संस्थाओं की नींव रखी, जो केरल में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का पर्याय बनीं।
- कठिन संघर्ष: विपरीत और चुनौतीपूर्ण समय में भी उन्होंने केरल में संघ कार्य को विस्तार देने में अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी।
- श्रद्धांजलि: संघ परिवार के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
हम सब मिलकर दिवंगत आत्मा की स्मृतियों को सादर नमन करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूर्व दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः

















