पूर्वी चंपारण में 22 वर्षीय सेराज आलम की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उसके डिजिटल नेटवर्क को खंगाल रही है। इस दौरान जांच एजेंसियों को पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अली गुर्जर के संपर्क में होने का पुलिस ने दावा किया है।
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी नेटवर्क से डिजिटल संपर्क के आरोप में 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान सेराज आलम, निवासी बिसरहिया गांव, थाना ढाका, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित बताए जा रहे वीडियो, तस्वीरें और कथित ‘राष्ट्र-विरोधी रील्स’ मिली हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के सोशल मीडिया संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में सेराज आलम के एक ऐसे व्यक्ति अली गुर्जर के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है, जिसे पुलिस पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़ा मानती है। मोबाइल में मिली सामग्री, सोशल मीडिया संपर्क और कथित नेटवर्क से युवक के संबंध की वास्तविक स्थिति फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर की रात ढाका थाना पुलिस को एक संदिग्ध युवक के बारे में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी राजरूप राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिसरहिया गांव के पास कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि टीम को देखकर एक युवक भागने का प्रयास करने लगा। पीछा करने के बाद उसे पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान बिसरहिया निवासी सेराज आलम, पिता समसुल हक, के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक मोबाइल की प्रारंभिक जांच में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े बताए जा रहे वीडियो और फोटो के अलावा कथित राष्ट्र-विरोधी रील्स मिलीं।
मोबाइल फोन बना जांच का अहम आधार
गिरफ्तारी के बाद जांच का केंद्र अब मोबाइल फोन और उससे जुड़े डिजिटल नेटवर्क पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सेराज आलम किन-किन लोगों के संपर्क में था और इन संपर्कों की प्रकृति क्या थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के सोशल मीडिया संपर्कों में अली गुर्जर का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि अली गुर्जर का संबंध पाकिस्तान स्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क से है। पुलिस अब उसके यात्रा इतिहास, सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संभावित वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। जांच एजेंसियां यह भी स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं कि मोबाइल फोन में मिली सामग्री केवल किसी सोशल मीडिया गतिविधि का हिस्सा थी या उसका इस्तेमाल किसी प्रकार की कट्टरपंथी या आतंकी गतिविधि के लिए किया जा रहा था।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
सेराज आलम के मामले को समझने के लिए शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ हुई पहले की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कई राज्यों में कार्रवाई की थी। सरकार के अनुसार, 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक FIR और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, इन मामलों में UAPA, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। सरकार ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान हथियार, विस्फोटक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। बिहार में भी उस कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी केंद्र सरकार ने दी थी। फिलहाल पूर्वी चंपारण पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य और आरोपी के कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्क जांच को किस दिशा में ले जाते हैं।

















