कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना के बावजूद शहर के दूसरे पंडालों में दर्शन जारी हैं। लोग उत्साह के साथ जा रहे हैं, लेकिन अब पहले से ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। रविवार को सप्तमी के दूसरे दिन भी महानगर के कई लोकप्रिय पंडालों में अच्छी भीड़ दिखी। फर्क सिर्फ इतना था कि इस बार लोग भीड़ को देखकर चल रहे थे। बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखा जा रहा था और ज्यादा भीड़ वाले रास्तों से बचने की कोशिश की जा रही थी।
भीड़ में भी सावधानी का रुख
चोरबागान वाली घटना ने लोगों के तरीके को थोड़ा बदल दिया है। पहले जहां लोग पंडाल की भव्यता और थीम देखने के चक्कर में धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ जाते थे, वहीं अब धक्के की आशंका सबके मन में है। रविवार शाम कई जगह देखा गया कि दर्शनार्थी एक-दूसरे को संभलकर चलने की सलाह दे रहे थे। भीड़ बढ़ने पर कुछ लोग थोड़ी देर रुक गए या दूसरा रास्ता चुन लिया।
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प्रमुख पंडालों में सुरक्षा बढ़ाई गई
कोलकाता के बड़े और लोकप्रिय पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, एकडालिया एवरग्रीन, सुरुचि संघ, सिंघी पार्क, हिंदुस्तान पार्क, संतोष मित्रा स्क्वायर, चेतला अग्रणी, मोहम्मद अली पार्क, दमदम पार्क, दमदम तरुण दल, बागबाजार और बोसपुकुर शीतला मंदिर समेत कई जगहों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
दमदम पार्क सार्वजनिन के संयुक्त सचिव मलय दे ने बताया कि प्रशासन की तरफ से उनके पंडाल में पुलिस कर्मियों की संख्या तीन गुना कर दी गई है। पहले जहां 40 पुलिसकर्मी थे, अब काफी ज्यादा हैं। समिति ने अपने वालंटियरों की संख्या भी बढ़ाई है। 20 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है। पूजा समिति के पदाधिकारी और सदस्य खुद भी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। लाउडस्पीकर से दर्शनार्थियों से अनुशासित रहने का अनुरोध भी किया जा रहा है।
भीड़ प्रबंधन पर जोर
पुलिस की तरफ से भी भीड़ नियंत्रण के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। पंडालों के प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भीड़ का दबाव बढ़ने पर आवाजाही को नियंत्रित करने की तैयारी है। लोग भी खुद ही सतर्क नजर आ रहे हैं और एक-दूसरे का ध्यान रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।














