संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस्लामिक आतंकवाद और नरसंहार के मुद्दे पर दुनिया के देशों को बड़ी लताड़ लगाई। उनके भाषण के दौरान बड़ी अजीब स्थिति ये रही कि दुनिया के करीब 77 देशों ने इजरायल के विरोध में वॉकआउट और बाहर सड़कों पर बड़े प्रदर्शन भी जुड़े रहे। पूरा माहौल तनावपूर्ण और चर्चा का केंद्र बना रहा। लेकिन, सबसे अहम बात ये रही कि नेतन्याहू के इस भाषण ने दुनिया के कुछ देशों के दोहरेपन को उजागर कर दिया, जो मंचों पर जाकर नैतिकता की बातें करते हैं।
वॉकआउट और बॉयकाट
नेतन्याहू जब पोडियम पर पहुंचे तो कई देशों के प्रतिनिधिमंडल सभागार छोड़कर बाहर निकलने लगे। कुछ रिपोर्ट्स में दर्जनों प्रतिनिधियों के वॉकआउट की बात कही गई, जबकि इजरायली पक्ष की गिनती के मुताबिक, करीब 77 प्रतिनिधिमंडल या तो अनुपस्थित रहे या भाषण शुरू होते ही चले गए। इनमें सऊदी अरब, सूडान, ट्यूनीशिया, उज्बेकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन जैसे देशों के नाम भी जुड़े बताए गए। फिलिस्तीनी मिशन ने पहले से कई देशों से सामूहिक वॉकआउट का आह्वान किया था।
नेतन्याहू ने पहले तो चुपचाप इसे देखा और फिर इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई और “नैतिक कायर” अभी हॉल में बचा है तो वह भी बाहर चला जाए। उनके समर्थक गैलरी में खड़े होकर “अम यिस्राइल चाई” (इस्राइल की जनता जिंदाबाद) के नारे लगा रहे थे। हॉल का बड़ा हिस्सा खाली नजर आ रहा था।
भाषण में नेतन्याहू ने क्या कहा
करीब 40 मिनट के भाषण में नेतन्याहू ने इजरायल की स्थिति का बचाव किया। उन्होंने गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर नरसंहार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि रोका। उन्होंने हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही और ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले को अपना एक आसान फैसला बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल खुद का बचाव करते हुए कई उन देशों की भी रक्षा कर रहा है जिनके प्रतिनिधि हॉल छोड़कर गए।
भाषण में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा गया। नेतन्याहू ने उन पर आरोप लगाए और कहा कि मेयर की वजह से कई यहूदी अब शहर में सुरक्षित महसूस नहीं करते। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की और तुर्की व कतर पर भी आलोचना की। यूरोपीय देशों पर भी टिप्पणी की गई जो हाल में फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके थे।
न्यूयॉर्क की सड़कों पर प्रदर्शन
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हुई। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। कुछ रिपोर्ट्स में हजारों प्रदर्शनकारियों का जिक्र भी आया। यहूदी वॉयस फॉर पीस, फिलिस्तीनी यूथ मूवमेंट और अन्य समूहों ने प्रदर्शन आयोजित किए। लोग “लेट गाजा लिव”, “स्टॉप आर्मिंग इजरायल” और “नेतन्याहू यू कांट हाइड, वी चार्ज यू विद जेनोसाइड” जैसे नारे लगा रहे थे। कुछ जगहों पर ट्रैफिक ब्लॉक किया गया और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया गया।
पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के मुताबिक करीब 100 से ज्यादा लोगों को अव्यवस्था फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। इनमें हॉलीवुड अभिनेत्री सुसान सरंडन, अभिनेत्री हन्ना आइबाइंडर, चेल्सी मैनिंग और कुछ स्थानीय नेता व उम्मीदवार भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों में यहूदी, फिलिस्तीनी, ईरानी और अन्य समुदायों के लोग शामिल थे। कुछ प्रदर्शन ब्रायंट पार्क और टाइम्स स्क्वायर से शुरू होकर यूएन मुख्यालय की ओर बढ़े।












