एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय खिलाड़ियों ने बैडमिंटन के पुरुष टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया है। सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला चीन से हुआ, जहां भारतीय टीम को 1-3 से हार मिली। हालांकि, इस हार के बावजूद भारत को कांस्य पदक हासिल हुआ, क्योंकि पुरुष टीम बैडमिंटन में सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीमों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है। इस मेडल के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या 12 हो गई है। भारतीय टीम ने पिछले एशियन गेम्स में भी पुरुष टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया था और सिल्वर मेडल जीता था। तब फाइनल में भारत को चीन के खिलाफ हार मिली थी। इस बार दोनों टीमें सेमीफाइनल में ही आमने-सामने थीं।
लक्ष्य सेन से हुई शुरुआत
सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में भारत की ओर से लक्ष्य सेन कोर्ट पर उतरे। उनका सामना चीन के पूर्व विश्व चैंपियन शी यूकी से था। शी यूकी ने लक्ष्य को 21-16 और 21-18 से हराकर चीन को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भारत की वापसी कराई। भारतीय जोड़ी ने वांग चांग और लियांग वेइकेंग को 21-11, 22-20 से हराकर स्कोर 1-1 कर दिया। तीसरे मैच में आयुष शेट्टी का सामना ली शेफिंग से हुआ। ली ने यह मुकाबला 21-19 और 21-13 से जीतकर चीन को फिर बढ़त दिला दी। इसके बाद एमआर अर्जुन और हरिहरन अम्सकरुनन की जोड़ी कोर्ट पर उतरी। भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन निर्णायक गेम में चीन की जोड़ी ने 21-9 से जीत दर्ज कर ली। इस तरह चीन ने 3-1 से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बना ली। भारत को सेमीफाइनल में हार जरूर मिली, लेकिन टीम ने ब्रॉन्ज मेडल के साथ प्रतियोगिता में अपना पदकों का खाता और मजबूत किया।

















