भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एशियन गेम्स से बड़ी खबर सामने आई है। भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया है। एशियन गेम्स में यह मीराबाई का पहला पदक है। लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहीं मीराबाई ने आखिरकार पोडियम पर जगह बना ली।
मीराबाई ने प्रतियोगिता में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें सिल्वर मेडल दिलाया। वहीं नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने 215 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। री सोंग-गम का एशियन गेम्स में यह लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है।
2014 में शुरू हुआ था एशियन गेम्स का सफर
मीराबाई चानू ने पहली बार 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। उस समय उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में भाग लिया और नौवें स्थान पर रही थीं। इसके बाद 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में चोट के कारण वह हिस्सा नहीं ले सकीं। 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में मीराबाई ने वापसी की। उन्होंने 49 किलोग्राम वर्ग में कुल 191 किलोग्राम वजन उठाया था और चौथे स्थान पर रही थीं। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया। मीराबाई का सिल्वर मेडल भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए भी खास है। 1951 से एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग शामिल है और भारत ने इस खेल में अब तक कई पदक जीते हैं, लेकिन गोल्ड मेडल हासिल नहीं कर सका है। मीराबाई से पहले 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिल्वर मेडल जीता था। अब मीराबाई ने भी सिल्वर जीतकर भारतीय वेटलिफ्टिंग के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनकी इस जीत से भारत के एशियन गेम्स अभियान को भी एक और पदक मिला है। मीराबाई की यह उपलब्धि उनके फैंस और पूरे भारतीय खेल जगत के लिए यादगार बन गई है।












