श्रीलंका में 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब पांच साल तक चले मुकदमे के बाद तीन जजों की हाई कोर्ट पीठ ने 15 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 200 साल जेल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है। इन धमाकों में 270 लोगों की जान गई थी, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे। वहीं, 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
2019 में हुआ था भयानक हमला
ईस्टर संडे के दिन यानी 21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। उस दिन ईसाई समुदाय के लोग चर्चों में प्रार्थना के लिए जुटे थे। इसी दौरान तीन कैथोलिक चर्चों और तीन बड़े होटलों को निशाना बनाया गया। इन हमलों से श्रीलंका में भारी तबाही मची थी। बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मरने वालों में श्रीलंका के नागरिकों के साथ कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। कुल 42 विदेशी नागरिकों की भी इन हमलों में जान गई थी। मंगलवार को हाई कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने मामले में 15 लोगों को दोषी करार दिया। अदालत ने सभी को 200-200 साल जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया गया। अदालत का यह फैसला करीब पांच साल तक चले लंबे मुकदमे के बाद आया है। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान हमलों से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर कई पहलुओं पर सुनवाई हुई। जांच में सामने आया था कि इन बम धमाकों को अंजाम देने वाले लोग इस्लामिक स्टेट समूह की विचारधारा से प्रेरित थे। ईस्टर के मौके पर किए गए इन हमलों ने पूरे श्रीलंका को हिला दिया था। इन धमाकों में भारतीय नागरिकों समेत 42 विदेशी नागरिकों की मौत हुई थी। बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के कारण इस घटना का असर लंबे समय तक देखने को मिला। अब अदालत के इस फैसले के बाद मामले में दोषी ठहराए गए 15 लोगों को लंबी जेल की सजा का सामना करना होगा। संपत्ति जब्त करने का आदेश भी फैसले का अहम हिस्सा है।











