
उत्तराखण्ड ब्यूरो
देहरादून में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध उत्तराखण्ड STF की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में STF / साइबर कुमाऊं टीम ने बाजपुर, ऊधमसिंहनगर में संचालित एक अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश किया है।
STF के एसएसपी अजेय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स की साइबर टीम द्वारा काफी समय से अवैध SIM Box के सम्बन्ध में सूचना विकसित कर कार्यवाही के प्रयास किये जा रहे थे। साथ ही इस सम्बन्ध STF टीम दूरसंचार विभाग DoT के लगातार सम्पर्क में थी। जिसके क्रम में बाजपुर क्षेत्र में एक मकान से SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित किये जाने सम्बन्धी इनपुट प्राप्त हुए।
प्राप्त इनपुट के आधार पर STF की साइबर टीम द्वारा बाजपुर के मुडिया, ईदगाह के पास स्थित मकान पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित कर रहे अभियुक्त कादिर जाबिर अली, निवासी मिलक जुम्मावाली, ग्राम बेरखेड़ा चक, थाना भगतपुर, जनपद मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया। मौके से 02 SIM Box, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, मोबाइल फोन, इंटरनेट राउटर एवं अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए गए तथा अभियुक्त के विरूद्ध सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
ऐसे चल रहा था अवैध टेलीकॉम गेटवे का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी SIM Box के माध्यम से विदेशी एवं इंटरनेट (VoIP) कॉल्स को भारतीय लोकल मोबाइल कॉल्स में परिवर्तित कर रहा था। इसके कारण कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर के स्थान पर भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था और कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान एवं लोकेशन छिपाने में मदद मिलती थी।
अवैध गेटवे में अलग-अलग व्यक्तियों की आईडी का दुरुपयोग कर प्राप्त किए गए सिम कार्डों का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त का सम्पर्क बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से होना तथा उनके माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त करना सामने आया है। अभियुक्त द्वारा उक्त गेटवे को
करीब 07 माह से संचालित किया जाना बताया गया है। अभियुक्त पूर्व में भी साइबर अपराधियों के सम्पर्क में रहा है तथा वर्ष 2023 में थाना कटघर, जनपद मुरादाबाद से SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है और वर्तमान में जमानत पर है। STF द्वारा अभियुक्त के साइबर नेटवर्क, विदेशी सम्पर्क, बैंक खातों एवं अन्य सहयोगियों के सम्बन्ध में गहनता से जांच की जा रही है।