धर्म-संस्कृति

कल का पंचांग: वामन द्वादशी पर जानें तिथि, पंचक, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

पंचांग के अनुसार, 23 सितंबर को द्वादशी तिथि रात 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। द्वादशी भगवान विष्णु को समर्पित तिथि मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा और व्रत कर सकते हैं। सुकर्मा योग और नक्षत्र

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Mahak Singh

23 सितंबर 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है और इसी अवसर पर कई जगहों पर वामन द्वादशी मनाई जाएगी। भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है। इसके साथ ही बुधवार रात से पंचक भी शुरू हो रहा है। ऐसे में आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र और पंचक का विशेष महत्व रहेगा।

कब तक रहेगी द्वादशी तिथि?

पंचांग के अनुसार, 23 सितंबर को द्वादशी तिथि रात 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। द्वादशी भगवान विष्णु को समर्पित तिथि मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा और व्रत कर सकते हैं।

सुकर्मा योग और नक्षत्र

आज सुकर्मा योग शाम 4 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं, सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक श्रवण नक्षत्र रहेगा और इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। धनिष्ठा नक्षत्र से पंचक की शुरुआत भी मानी जाती है।

आज रात से पंचक शुरू

23 सितंबर को रात 9 बजकर 57 मिनट से पंचक शुरू होगा, जो 28 सितंबर की सुबह 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान लकड़ी खरीदने, लकड़ी इकट्ठा करने या घर में लकड़ी से जुड़ा काम कराने से बचने की परंपरा है।

वामन द्वादशी का महत्व

मान्यता है कि भगवान विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने के लिए वामन अवतार लिया था। इस दिन भक्त भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा करते हैं। पूजा में पीले फूल, फल और नैवेद्य अर्पित करने की परंपरा है।

23 सितंबर का राहुकाल

दिल्ली: 12:13 से 1:44 बजे तक
मुंबई: 12:31 से 2:02 बजे तक
लखनऊ: 11:59 से 1:29 बजे तक
भोपाल: 12:12 से 1:43 बजे तक
कोलकाता: 11:29 से 1:00 बजे तक
चेन्नई: 12:01 से 1:32 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त

23 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:09 बजे और सूर्यास्त शाम 6:16 बजे होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ और भगवान विष्णु का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

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