नई दिल्ली। दिल्ली के जनकपुरी स्थित फाइव स्टार हयात होटल के बाहर उस समय भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने होटल के अंदर इसाई मिशनरी से जुड़े लोगों द्वारा कथित रूप से मतांतरण (कन्वर्जन) कराए जाने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया.
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, हालांकि प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने नजफगढ़ रोड को जाम कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने किया कन्वर्जन से इंकार
वहीं इस मामले को लेकर सुबह डीसीपी वेस्ट दिल्ली के एक्स (twitter) हैंडल ने बयान जारी कर कहा-
“स्थानीय ईसाई समुदाय के सदस्य अपनी नियमित रविवार की प्रार्थना के लिए उस जगह पर इकट्ठा हुए थे। पूछताछ करने पर धर्म परिवर्तन से जुड़ा कोई मामला नहीं पाया गया। लगभग 500 लोगों के कन्वर्जन का दावा सच नहीं है, कृपया अफ़वाहों पर विश्वास न करें”
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनकपुरी स्थित फाइव स्टार हयात होटल में अचानक हुए इस प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि होटल के भीतर इसाई मत के प्रचारकों द्वारा बड़ी संख्या में हिंदू महिला, पुरुषों और बच्चों का मतांतरण कराया जा रहा था.
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वहां लगभग 800 के करीब लोग मौजूद थे जिनसे एक फॉर्म भरवाया जा रहा था, जिसमें उन्हें दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं का ब्योरा दर्ज था.

मीटिंग के दौरान हुआ खुलासा, वीडियो बनाने पर मारपीट का आरोप
बताया जा रहा है कि घटना के समय होटल की दूसरी मंजिल पर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन से जुड़े कुछ लोगों की एक अलग संस्था की बैठक चल रही थी. जब उन लोगों को इस संदिग्ध गतिविधि की भनक लगी, तो वे तुरंत विरोध दर्ज कराने के लिए संबंधित स्थल पर पहुंच गए.
“हिनुत्वनिष्ठ संगठनों से जुड़े लोगों का आरोप है कि इसाई मत से जुड़े आयोजकों ने वीडियो बनाने पर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद जब कार्यकर्ताओं ने अन्य लोगों को बुलाकर मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया, तो होटल प्रशासन ने कथित तौर पर उन तमाम लोगों को पिछले दरवाजे से चुपचाप बाहर निकाल दिया।”
होटल प्रशासन द्वारा कथित रूप से लोगों को बाहर निकाले जाने की बात सामने आने के बाद कार्यकर्ताओं का आक्रोश और अधिक भड़क गया.
नजफगढ़ रोड पर जाम और नारेबाजी, कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का रोष थमने का नाम नहीं ले रहा था. गुस्से में आए कार्यकर्ताओं ने मुख्य नजफगढ़ रोड पर बैठकर जाम लगा दिया, जिसके कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बाधित हो गया.
एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कही उचित जांच की बात
वहीं इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के दृष्टिकोण और संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्मों के लोग ही अनुसूचित जातियों (SC) के लिए निर्धारित संवैधानिक सुरक्षा उपायों और आरक्षण के लाभों के पात्र हैं. कानूनी रूप से निर्धारित दायरे में न आने वाले व्यक्तियों द्वारा इन लाभों का गैर-कानूनी तरीके से लाभ उठाया जाना उचित नहीं है.
प्रियंक कानूनगो ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संज्ञान में आने वाले मामलों की उचित जांच की जाएगी तथा @DelhiPolice से संबंधित व्यक्तियों की सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के संदेह या चिंता का निष्पक्ष समाधान हो सके.
प्रियंक कानूनगो ने कहा कि जहां कहीं भी संवैधानिक रूप से प्रदत्त आरक्षण लाभों तक अनधिकृत या गैर-कानूनी पहुंच स्थापित होती पाई जाएगी, वहां उचित कानूनी कार्रवाई के लिए मामले को सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि वास्तविक और पात्र अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
“भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता की पूरी गारंटी देता है। हर व्यक्ति ईसाई मत या किसी भी अन्य मत को मानने और उसका आचरण करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, ठीक वैसे ही जैसे हर व्यक्ति ऐसा न करने के लिए भी स्वतंत्र है। दोनों ही स्थितियों में इस संवैधानिक स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए।” – प्रियंक कानूनगो, सदस्य, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
Certainly, Babasaheb Ambedkar had envisaged that persons belonging to the Hindu, Sikh and Buddhist faiths would be eligible for the constitutional safeguards and reservation benefits provided to Scheduled Castes, and that these benefits should not be unlawfully accessed by… https://t.co/ynZveaRmFw
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) September 20, 2026

















