लखनऊ / जौनपुर (उत्तर प्रदेश)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र संघचालक और प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह का गुरुवार रात्रि लखनऊ में 92 वर्ष की आयु में देवस्थानम हो गया है. उनके निधन की सूचना मिलते ही संघ परिवार और शैक्षणिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को प्रातः 11:00 बजे लखनऊ के बैकुंठधाम (भैंसाकुंड) में पूर्ण राजकीय व पारंपरिक सम्मान के साथ संपन्न होगा.
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की मड़ियाहू तहसील के रहने वाले प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जीवन का लंबा समय राष्ट्र सेवा और उच्च शिक्षा के प्रसार को समर्पित किया था.
शिक्षा जगत और संघ में रहा अत्यंत गौरवशाली योगदान
प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह अपने जीवनकाल में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैचारिक पदों पर रहे. उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रतिष्ठित आईआईटी विभाग में प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दीं. इसके पश्चात उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी.
“प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह एक समर्पित स्वयंसेवक और महान शिक्षाविद् थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनका जाना संघ परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
उनके सुपुत्र प्रोफेसर संजय सिंह वर्तमान में लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में दायित्व संभाल रहे हैं.
विविध संगठनों और आदरणीय जनों ने व्यक्त किया गहरा शोक
प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद (VHP), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ सहित संघ परिवार से जुड़े विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके पैतृक एवं कार्यक्षेत्र के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है.











