पश्चिम बंगाल

कोलकाता पुलिस STF को मिली बड़ी सफलता : 2.20 करोड़ का इनामी नक्सली असीम मंडल ‘आकाश’ गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने 15 साल से फरार 2.20 करोड़ के इनामी शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ 'आकाश' को पूर्वी मेदिनीपुर से किया गिरफ्तार।

Published by
Shivam Dixit

कोलकाता / पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने और पिछले 15 वर्षों से लगातार पुलिस को चकमा दे रहे 2.20 करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ ‘आकाश’ को कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने धर दबोचा है. सुरक्षा एजेंसियों की लंबी तलाश के बाद 64 वर्षीय इस कुख्यात माओवादी को झारखंड सीमा के पास पूर्वी मेदिनीपुर (East Midnapore) जिले के पाटाशपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है.

असीम मंडल प्रतिबंधित माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति (Central Committee) का सदस्य होने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल राज्य समिति-I का सचिव भी था. उस पर पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा की सरकारों द्वारा कुल 2.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित था—जिसमें झारखंड सरकार द्वारा 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार द्वारा 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल है.

ससुराल में छिपकर रहने की फिराक में था, हुलिया बदलकर चला रहा था नेटवर्क

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, असीम मंडल अपनी पहचान छिपाने और लो-प्रोफाइल रहने के लिए पाटाशपुर पहुंचा था जहाँ उसके ससुराल के लोग रहते हैं. सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए वह अपना हुलिया बदलकर और स्थानीय संपर्कों की मदद से छिपकर रह रहा था, हालांकि एसटीएफ के खुफिया इनपुट ने उसकी इस चाल को नाकाम कर दिया.

“गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से दो बैग बरामद किए गए हैं, जिनमें भारी मात्रा में माओवादी साहित्य, पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। पुलिस अब इन उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि उसके अन्य सहयोगियों और स्लीपर सेल का सुराग मिल सके।” – पुलिस सूत्र

दर्जनों आपराधिक मामलों और हिंसक वारदातों में रहा है संलिप्त

माओवादी नेता असीम मंडल पर पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में सुरक्षा बलों पर हमले, विस्फोट और हत्या जैसी कई गंभीर वारदातों के संबंध में लगभग 55 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में मामलों की संख्या 100 से अधिक बताई जाती है.

कुख्यात माओवादी के इतिहास से जुड़े प्रमुख बिंदु:

  • बुरुडीह लैंडमाइन ब्लास्ट (2008): पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला इलाके में हुए इस भीषण बारूदी सुरंग विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी और कई जवान शहीद हो गए थे, जिसमें उसका नाम सामने आया था।
  • झारखंड के सरायकेला-खरसावां व सारंडा क्षेत्र: झारखंड के जंगलों, सारंडा और कोल्हान क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी गतिविधियों में उसकी मुख्य भूमिका रही है।
  • सुनील महतो हत्याकांड: झारखंड के पूर्व सांसद सुनील महतो की हत्या के मामले में भी उसका नाम चर्चा में रहा है, हालांकि मामलों की सटीक कानूनी स्थिति अदालत के रिकॉर्ड पर निर्भर करती है।

एसटीएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब असीम मंडल से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि बंगाल-झारखंड-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में बचे हुए माओवादी नेटवर्क, उनके फंडिग स्रोतों और छिपे हुए हथियारों के ठिकानों का खुलासा किया जा सके. इस गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियानों में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.

Share

Recent News