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ग्लेशियर, बर्फ और 5,578 मीटर की ऊंचाई… NCC की 20 महिला कैडेटों ने पूरा किया चुनौतीपूर्ण ट्रेक

कैडेट्स की टीम में अधिकारियों और इंस्ट्रक्टर के अलावा मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहा। टीम ने हिमाचल प्रदेश के किब्बर से अपनी यात्रा शुरू की और आखिरकार लद्दाख के करज़ोक पहुंचकर अभियान को पूरा किया।

Published by
Mahak Singh

लद्दाख के करज़ोक से एक खास खबर सामने आई है। नेशनल कैडेट कोर (NCC) की 20 महिला कैडेटों ने बेहद मुश्किल और ऊंचाई वाले इलाके में एक चुनौतीपूर्ण ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा किया है। ‘अपराजिता – परंग ला 2026’ नाम के इस ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग ट्रेक के दौरान कैडेट्स ने 5,578 मीटर ऊंचे पारंग ला दर्रे को पार किया। यह अभियान हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग इलाके से जोड़ने वाले कठिन रास्ते पर आयोजित किया गया था। देश के अलग-अलग हिस्सों से चुनी गईं 20 NCC गर्ल कैडेट्स ने करीब 30 दिनों में लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान उन्हें ग्लेशियर, बर्फ से ढके मैदान, नदी घाटियों और बेहद ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरना पड़ा।

30 दिन में 250 किमी का सफर

कैडेट्स की टीम में अधिकारियों और इंस्ट्रक्टर के अलावा मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहा। टीम ने हिमाचल प्रदेश के किब्बर से अपनी यात्रा शुरू की और आखिरकार लद्दाख के करज़ोक पहुंचकर अभियान को पूरा किया। इस अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अभियान के सफल समापन के बाद 16 सितंबर को लद्दाख के करज़ोक में NCC की ओर से कैडेट्स का स्वागत किया गया।

इस मौके पर DG NCC लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने सभी कैडेट्स और अभियान से जुड़े स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की एडवेंचर एक्टिविटीज युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और मुश्किल परिस्थितियों में टिके रहने की क्षमता बढ़ाने में मदद करती हैं। NCC के मुताबिक, इस ट्रेक का मकसद सिर्फ कैडेट्स को पहाड़ी और कठिन परिस्थितियों का अनुभव देना नहीं था। इसके जरिए एडवेंचर एक्टिविटीज में युवतियों की भागीदारी को बढ़ावा देना और देश के अलग-अलग राज्यों से आई कैडेट्स को एक साथ लाकर राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना भी था।

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