दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आठवीं बार एशिया कप जीत लिया है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने महिला टी20 एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराया। मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गया। खिताबी मुकाबले में भारत ने हर क्षेत्र में दबदबा बनाकर रखा।
स्मृति मंधाना और शेफाली की तूफानी शुरुआत
भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने भारत को मजबूत शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 129 रनों की साझेदारी की। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 14 रन, ऋचा घोष ने 17 रन बनाए। फुलमारी के
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 129 रनों की साझेदारी की। इसके बाद मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर (14) और ऋचा घोष (17) बड़ी पारी नहीं खेल सकीं, लेकिन भारती फुलमाली के 5 गेंदों में 15 रनों के आक्रामक कैमियो की बदौलत भारत ने 20 ओवरों में 5 विकेट पर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका की ओर से मिथाली अयोध्या (1/33) और अथापथु (1/34) सफल गेंदबाज रहीं।
श्री चरणी और दीप्ति का घातक स्पेल
184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत खराब रही। पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ ने इमेषा दुलानी को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई टीम को कभी उबरने का मौका नहीं दिया।
श्री चरणी: 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट (फाइनल में 4 विकेट लेने वाली पूनम यादव और सना मीर के खास क्लब में शामिल)।
दीप्ति शर्मा: 4 ओवर में 19 रन देकर 3 विकेट।
पूरी श्रीलंकाई टीम 111 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने 72 रनों से मुकाबला जीत लिया।
टूर्नामेंट में भारत का ऑलराउंड दबदबा
विस्फोटक बल्लेबाजी: भारत का रन रेट 8.35 रहा (बाकी टीमों का औसत 5.12)। भारत की ओर से 4 अर्धशतक और 1 शतक लगा। साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 32 छक्के जड़े।
धारदार गेंदबाजी: भारतीय गेंदबाजों का औसत 8.84 और इकोनॉमी रेट 4.29 रहा, जो पूरे टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ है।
इतिहास रचने वाली चरणी: तेज गेंदबाज श्री चरणी ने साल 2026 में 39 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे कर लिए हैं। वह एक कैलेंडर ईयर में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20I विकेट लेने वाली महिला गेंदबाज बन गई हैं (पूनम यादव का 2018 का 35 विकेट का रिकॉर्ड तोड़ा)।
खराब फील्डिंग रही चिंता का विषय
जीत के बावजूद भारत का फील्डिंग प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में सबसे कम 59.5% कैचिंग एफिशिएंसी दर्ज की और कुल 17 कैच टपकाए, जो किसी भी टीम द्वारा छोड़े गए सबसे ज्यादा कैच हैं।

















