13 सितंबर 2026 को अहमदाबाद में आयोजित पाञ्चजन्य के विशेष कार्यक्रम ‘साबरमती संवाद 2026’ में पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर जी ने Gen Z और Gen Alpha को लेकर भारतीय परंपरा का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने अष्टावक्र और नचिकेता की कथाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों में जिज्ञासा, प्रश्न पूछने का साहस और सत्य की खोज का भाव होना चाहिए, लेकिन यह सब मर्यादा के साथ हो। उन्होंने कहा कि प्रश्नों से पीछे न हटना और सत्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना ही भारत की परंपरा तथा पाञ्चजन्य की कार्यशैली का मूल है।

















