धर्म-संस्कृति

12 सितंबर पंचांग: शुभ योग के साथ शुरू होगा दिन, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त

12 सितंबर को कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 से 5:39 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:10 से 12:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2:38 से 3:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:44 से 7:07 बजे तक रहेगा।

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Mahak Singh

12 सितंबर 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। सुबह 7 बजकर 47 मिनट तक प्रतिपदा तिथि रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। शनिवार होने की वजह से इस दिन शनिदेव की पूजा और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन एक और खास बात यह है कि शुभ योग दोपहर बाद 3 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष में शुभ योग को अच्छे कामों के लिए अनुकूल माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य शुभ फल देते हैं और व्यक्ति को मान-सम्मान व प्रसिद्धि भी मिल सकती है। ऐसे में कोई नया काम शुरू करने या महत्वपूर्ण कार्य करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जा सकता है।

वहीं, शनिवार को उतराफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए हैं और उतराफाल्गुनी उनमें 12वां नक्षत्र है। इसका संबंध सूर्यदेव से माना जाता है। इस नक्षत्र का पहला चरण सिंह राशि में और बाकी तीन चरण कन्या राशि में आते हैं।

12 सितंबर के शुभ मुहूर्त

12 सितंबर को कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 से 5:39 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:10 से 12:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2:38 से 3:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:44 से 7:07 बजे तक रहेगा। इस दिन त्रिपुष्कर योग भी सुबह 7:46 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा।

आज इन शहरों में रहेगा राहुकाल

शनिवार को राहुकाल के दौरान शुभ काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। दिल्ली में राहुकाल सुबह 9:11 से 10:44 बजे तक, मुंबई में 9:30 से 11:03 बजे तक और लखनऊ में 8:57 से 10:29 बजे तक रहेगा। वहीं भोपाल में 9:11 से 10:40 बजे, कोलकाता में 8:28 से 10 बजे और चेन्नई में 9:01 से 10:33 बजे तक राहुकाल रहेगा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

12 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:04 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:29 बजे होगा। कुल मिलाकर तिथि, शुभ योग और नक्षत्र की वजह से यह दिन धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुभ काम करने से पहले अपने शहर के अनुसार पंचांग और मुहूर्त जरूर देख लेना चाहिए।

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