अमेरिका में हिन्दू व सिख संगठनों के विरोध के चलते वहां की सरकार को एक विज्ञापन वापिस लेना पड़ा है। इस विज्ञापन में ‘मिस्टर सिंह’ से अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया था। वहां के गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत यह विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाई गई तस्वीर का प्रयोग किया गया।
तस्वीर में दाढ़ी वाला एक सांवले रंग का व्यक्ति दिखाया गया। उसके साथ लिखा था ‘हमारी सड़कों से हट जाओ, मिस्टर सिंह, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता।’ इस विज्ञापन का हिन्दू, भारतीय-अमेरिकी और सिख संगठनों ने जोरदार विरोध किया। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम और सांसद राजा कृष्णमूर्ति जैसे डेमोक्रेट नेताओं ने इसका विरोध किया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन, सिख कोएलिशन, हिंदू एक्शन और कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका जैसे संगठनों ने विज्ञापन को अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ और नस्लवादी बताया और इसका विरोध किया।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि गृह सुरक्षा विभाग ने वह पोस्ट हटा दी है, जिस पर संगठन ने एक दिन पहले आपत्ति जताई थी। इन संगठन ने कहा कि किसी संघीय एजेंसी का भारतीय या सिख व्यक्ति का नस्लीय रूप दिखाकर राजनीतिक संदेश देना गंभीर बात है। पोस्ट हटाना केवल पहला कदम है। संगठन ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी, सिख, हिंदू और दक्षिण एशियाई लोगों को अपनी सरकार से इससे बेहतर व्यवहार की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने ट्रक चालक हरजिंदर सिंह का एक वीडियो भी पोस्ट किया। हरजिंदर सिंह को पिछले साल एक गैरकानूनी यू-टर्न के कारण हुए हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी। एक दूसरे पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स फिल्म के मुख्य खलनायक मेगाट्रॉन को दिखाया गया। वीडियो में वह एलियंस की रिहाई की मांग करता दिखता है। अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करता है। गृह सुरक्षा विभाग ने एक्स पर लिखा कि अगर कोई इस देश के खिलाफ दुश्मनी की नीयत से आता है, तो उसे पता होना चाहिए कि अमेरिका अपना बचाव करेगा। विभाग ने कहा कि वह अमेरिकी मूल्यों और अपने देश की रक्षा करेगा।
देश छोड़ने पर सुविधा देने का वायदा
एक दूसरे पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स के मुख्य नायक ऑप्टिमस प्राइम को दिखाया गया। उसके कपड़ों पर गृह सुरक्षा विभाग का निशान था। वह उसी दाढ़ी वाले सांवले व्यक्ति के सामने खड़ा दिखाया गया। उसके साथ संदेश लिखा था- खुद देश छोड़ो या फिर अंजाम भुगतो। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन समेत कई संगठनों ने विज्ञापन में मिस्टर सिंह नाम इस्तेमाल करने पर सवाल उठाया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि सिंह नाम वाले लोग हिंदू भी हैं, सिख भी हैं और अमेरिकी भी हैं। वे गाड़ी भी चलाते हैं। संगठन ने इसे नस्लवादी और भारतीयों को निशाना बनाने वाला व्यवहार बताया।
संगठन ने कहा कि यह संघीय एजेंसी का भेदभाव वाला पोस्ट है। यह केवल राजनीतिक संदेश से कहीं आगे की बात है। उसने इसकी जांच की मांग की। कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका ने कहा कि कानून लागू करें, लेकिन किसी समुदाय को कार्टून की तरह पेश न करें। संगठन ने कहा कि खतरनाक चालक हर रंग, जाति, धर्म और उपनाम के हो सकते हैं। संगठन ने कहा कि कुछ खास सरनेम को निशाना बनाने से सड़कें सुरक्षित नहीं होंगी।
क्या कहा सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने?
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने भी गृह सुरक्षा विभाग के पोस्ट की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी ताकत का इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए। किसी का धर्म, विरासत या पहचान यह तय नहीं करती कि वह अमेरिका में रहने लायक है या नहीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में 1.60 लाख से ज्यादा लोगों का सरनेम सिंह है। जब सरकार इतने लोगों के नाम को निशाना बनाती है, तो इससे विदेशियों के प्रति नफरत बढ़ती है और पूरे समुदाय पर शक पैदा होता है। ज्ञात रहे कि यह विवाद अमेरिका की सरकार के एक कार्यक्रम के प्रचार के बीच हुआ। इस कार्यक्रम का नाम सीबीपी होम है। इस कार्यक्रम के तहत जिन प्रवासियों के पास अमेरिका में रहने के जरूरी कागज नहीं हैं, वे खुद अमेरिका छोड़ने के लिए अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक, जो लोग खुद अमेरिका छोड़ने के लिए पंजीकरण कराते हैं, उन्हें यात्रा में मदद मिल सकती है। उन्हें 2,600 डॉलर की विदाई राशि भी दी जाती है।
भारत में भारी रोष
इस विज्ञापन को लेकर भारत में भारी रोष पाया जा रहा है। विदेश में रहने वाले युवाओं के परिजनों व परिवार के अन्य लोगों ने कहा है कि यह नस्लवादी टिप्पणी है, अपराध किसी से भी हो सकता है परंतु उस को लेकर किसी समुदाय के साथ लेबल चस्पा करना गलत है।












