हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले बीजेपी ने शिमला जिला परिषद पर कब्जा कर लिया है। गुरुवार को हुए चुनाव में पार्टी ने चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन दोनों पद जीत लिए। कांग्रेस के पास पिछले 23 साल से यह परिषद थी। शिमला को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, इसलिए बीजेपी की यह जीत पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है।
12 में से 11 जिला परिषदें बीजेपी के पास
शिमला जिला परिषद जीतने के बाद अब हिमाचल की कुल 12 जिला परिषदों में से 11 पर बीजेपी का नियंत्रण हो गया है। कांग्रेस के पास सिर्फ चंबा जिला परिषद बची है। शिमला जिले का राजनीतिक महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां की आठ विधानसभा सीटों में से सात पर कांग्रेस के विधायक हैं। इनमें तीन मंत्री भी शामिल हैं – पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर।
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चुनाव के नतीजे इस तरह रहे
चेयरमैन पद के लिए बीजेपी के भूपेंद्र सिसोदिया ने कांग्रेस के सुरेंद्र रेटका को 13-10 के अंतर से हराया। इस चुनाव में दो वोट रद्द हुए। वाइस-चेयरमैन पद पर बीजेपी के बी.एस. कलंटा ने कांग्रेस उम्मीदवार को 14-10 से हराया। इसमें एक वोट रद्द किया गया।
शिमला जिला परिषद के आखिरी बीजेपी चेयरमैन डोलो राम हस्ता थे। उन्होंने 1998 से 2003 तक यह पद संभाला था। उसके बाद से अब तक परिषद की कमान कांग्रेस या उसके सहयोगियों के पास रही।यह नतीजे विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों की स्थिति को लेकर चर्चा बढ़ा रहे हैं।











