प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रिक्स समिट से पहले अपना संदेश दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता ब्रिक्स समिट के लिए इकट्ठा होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस समिट में कई मुद्दों पर सकारात्मक और अर्थपूर्ण बातचीत होगी। सबका मकसद दुनिया की भलाई होगा।
यह संदेश ऐसे समय आया जब दुनिया के कई बड़े नेता दिल्ली पहुंचने शुरू हो गए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह ही दिल्ली पहुंच गए। चीन ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी आएंगे। यह उनका सात साल बाद भारत का पहला दौरा होगा।
कौन-कौन आ रहे हैं
समिट में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस भी आने वाले हैं। इनके अलावा और भी कई नेता और अधिकारी दिल्ली पहुंच रहे हैं।
समिट कहां और कब
18वीं ब्रिक्स समिट दो दिन की है। यह शनिवार से शुरू हो रही है। कार्यक्रम भारत मंडपम में होगा। वीकेंड पर यह बड़े स्तर का आयोजन हो रहा है।
दिल्ली में सुरक्षा के इंतजाम
दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। वीवीआईपी काफिलों के रूट पर अस्थायी ट्रैफिक पाबंदियां लगाई गई हैं। दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवान, पैरा मिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां और 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
ट्रैफिक पुलिस ने साफ कहा है कि शहर बंद नहीं होगा। जहां सुरक्षा की जरूरत नहीं है, वहां ट्रैफिक सामान्य चलेगा। वीवीआईपी काफिले गुजरने पर कुछ देर के लिए वाहन रोके जा सकते हैं या डायवर्जन हो सकता है। रोके जाने का कोई तय समय नहीं है। स्थिति के हिसाब से धीरे-धीरे वाहन छोड़े जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नेताओं की सुरक्षा पूरी रखी जाएगी और आम लोगों को जितना हो सके कम परेशानी हो, इसका ख्याल रखा जा रहा है।
समिट से पहले नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है। प्रधानमंत्री का संदेश साफ है कि इस बैठक में दुनिया की भलाई को ध्यान में रखकर सकारात्मक चर्चाएं होंगी।











