नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नवरात्रि के गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों के प्रवेश रोकने की विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गरबा में आने वालों की पहचान जांची जानी चाहिए। गरबा में प्रवेश से पहले उन्हें हनुमान चालीसा पढ़वानी चाहिए। उनका दावा है कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं। उन्होंने कहा- जो लोग मूर्ति पूजा का पालन नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए। गरबा में आने वालों को अपनी पहचान दिखानी चाहिए और प्रवेश की अनुमति देने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान बढ़ते हैं ‘लव-जिहाद’ के मामले
नितेश राणे का कहना है कि नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ने लगते हैं। गणेश उत्सव में डीजे पर रोक की मांग को लेकर नितेश राणे ने नियम सभी धार्मिक जुलूसों पर समान रूप से लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर गणेश उत्सव में डीजे की अनुमति नहीं है, तो ईद के जुलूसों में भी ऐसी ही पाबंदी होनी चाहिए। हाल के ईद जुलूसों में देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजाया गया। उन्होंने कहा कि हिंदू अदालत के आदेश और ध्वनि नियमों का पालन करते हैं।
VHP ने की थी गरबा-डांडिया में मुस्लिमों के प्रवेश रोकने की मांग
VHP ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र में होने वाले गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं देने की मांग की थी। साथ ही गरबा में शामिल होने वाले प्रतिभागियों की पहचान आधार कार्ड से जांचने और उनके माथे पर तिलक लगाने की बात कही थी। अब राणे ने VHP की इसी मांग का समर्थन किया है और कहा कि गरबा में आने वालों की पहचान जांची जानी चाहिए। गरबा में प्रवेश से पहले उन्हें हनुमान चालीसा पढ़वानी चाहिए।

















