नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से सात लौगों की मौत हो गई। हादसे में कई छात्र घायल हुए हैं। मृतकों में मध्य प्रदेश के देवास के छात्र अर्पित जाज और छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 साल के युवराज सोनी भी शामिल हैं। दोनों ही कुछ दिन पहले रक्षाबंधन मनाने अपने घर आए थे। त्योहार मनाने के बाद वापस पढ़ाई के लिए दिल्ली लौटे थे। लेकिन इस हादसे ने दोनों की ही जिंदगी लील ली।
बता दें कि रविवार दोपहर दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में पांच मंजिला पीजी इमारत गिर गई थी। अभी भी मलबे की जांच की जा रही है ताकि कोई छात्र अंदर फंसा न हो। इमारत के मालिक हरिराम बंसल को भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया गया है। आगे की जांच जारी है। वहीं, हादसे में मारे गए अर्पित के पिता भूपेंद्र जाज ने नम आंखों के साथ कहा कि परिवार बेटे के पार्थिव शरीर को देवास लाने की तैयारी कर रहा है। प्रशासन भी परिवार के संपर्क में है।
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वहीं, छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी युवराज सोनी की मौत के समाचार ने परिवार के साथ ही पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। युवराज, कन्हैया सोनी के इकलौते बेटे थे। उनकी एक छोटी बहन है जो नौवीं कक्षा में पढ़ती है। परिजनों का कहना है कि युवराज रक्षाबंधन मनाकर कुछ दिन पूर्व ही दिल्ली वापस पढ़ाई के लिए लौटे थे। परिजन दिल्ली पहुंच गए। युवराज का पार्थिव शरीर दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है। परिवार अब बेटे के पार्थिव शरीर को अपने गृह राज्य ले जाने की तैयारी में जुटा है।
बता दें कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 50 साल पुरानी थी। उसके बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में बेसमेंट में पानी भरने और चल रहे मरम्मत कार्य को भी हादसे की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि अभी हादसे की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। दुर्ग निवासी मृतक अर्पित मोती लाल नेहरू कॉलेज के बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र थे। वह हॉस्टल के टॉप फ्लोर के रूम में रहते थे।इस घटना पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार का कहना है कि दुर्भाग्य से इस घटना में सात लोगों की जान चली गई। इस इमारत के बगल वाली इमारत कमजोर हो गई है, उसे रात भर में मजबूत किया गया है। अगले 1-2 दिनों में हम उसे योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त करेंगे। 1970 के दशक की इस इमारत को कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही इसे कभी सील किया गया। इस इमारत के बारे में कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने एमसीडी उपायुक्त, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को सस्पेंड कर दिया है।
















