आज के समय में डिजिटल पेमेंट के लिए स्मार्टफोन जरूरी माना जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फोन चोरी होने के बाद भी आपके बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं? दरअसल, साइबर अपराधी कुछ मामलों में मोबाइल सिम का गलत इस्तेमाल कर यूपीआई से जुड़े फ्रॉड को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए एक ऐसी सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो बिना इंटरनेट के भी मोबाइल से बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सुविधा देती है। इसके लिए मोबाइल फोन से *99# डायल किया जाता है। इसके बाद स्क्रीन पर एक मेनू दिखाई देता है, जिसमें Send Money, Request Money, Check Balance, My Profile, Pending Requests, Transactions और UPI PIN जैसे विकल्प दिखाई दे सकते हैं।
सिम चोरी होते ही बढ़ सकता है UPI फ्रॉड का खतरा
मान लीजिए किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन चोरी हो गया। फोन लॉक होने की वजह से चोर उसके पासकोड या फोन के अंदर मौजूद ऐप्स को सीधे एक्सेस नहीं कर पाता। लेकिन अगर चोर सिम कार्ड निकालकर उसे किसी दूसरे फोन में लगा दे, तो वह *99# जैसी USSD आधारित सेवा तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यूपीआई पिन है। केवल सिम कार्ड होने से सामान्य तौर पर सीधे पैसे निकाल लेना संभव नहीं है, क्योंकि लेनदेन के लिए यूपीआई पिन की जरूरत होती है। हालांकि, यदि किसी तरह यूपीआई पिन को रीसेट करने की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जाए और बैंक/यूपीआई से जुड़े सत्यापन संदेश तक पहुंच हासिल हो जाए, तो जोखिम बढ़ सकता है। इसी वजह से मोबाइल चोरी होने पर सबसे पहले अपने सिम को तुरंत ब्लॉक करवाना बेहद जरूरी है। साथ ही बैंक खाते और यूपीआई सेवाओं को भी अस्थायी रूप से ब्लॉक या सुरक्षित करवाएं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर यूपीआई पिन रीसेट न करें और अपना यूपीआई पिन, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
















