केरलम के तिरुवनंतपुरम जिले में कांग्रेस की अंदरूनी कलह का एक गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प और हाथापाई हुई है। इस घटना में विधायक घायल हो गईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए चिरायिनकीझु तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना 4 सितंबर 2026 शुक्रवार रात को हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक व्हाट्सएप पोस्ट और ब्लॉक पंचायत समिति की बैठक में विधायक के निजी सहायक की भागीदारी को लेकर हुई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई जो बाद में हाथापाई में बदल गई। विधायक राम्या हरिदास का आरोप है कि स्थानीय नेताओं ने उनके साथ मारपीट करके धमकाया और उनका हाथ पीछे की तरफ मरोड़ दिया।
क्या है मामला ?
दूसरी तरफ जिला पंचायत सदस्य सजीत मुत्तंबलम और ब्लॉक कांग्रेस नेता साजिद का आरोप है कि विधायक रम्या हरिदास और उनके सहयोगियों (विशेष रूप से उनके पीए पालायम प्रदीप) ने एक व्हाट्सएप पोस्ट को लेकर विवाद की शुरुआत की। साजिद के अनुसार, उन्होंने ग्रुप में सवाल उठाया था कि विधायक के स्टाफ सदस्य आधिकारिक ब्लॉक पंचायत समिति की बैठक में क्यों शामिल हुए? आरोप है कि इस पर भड़ककर विधायक और उनके साथी साजिद के घर पहुंचे, जहां उन्होंने साजिद की बेटी पर दबाव बनाया और धक्का-मुक्की शुरू की। सजीत मुत्तंबलम का कहना है कि विधायक की तरफ से ही हमला किया गया था और वह केवल बीच-बचाव करने गए थे।
16 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज
विधायक की शिकायत पर पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य सजीत मुत्तंबलम सहित 16 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर विधायक और उनके साथियों के खिलाफ भी काउंटर-केस दर्ज किया गया है।
विपक्षी दल बीजेपी (BJP) ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे कांग्रेस का दलित व महिला विरोधी चेहरा करार दिया है। भाजपा ने महिलाओं के सम्मान और भागीदारी के मुद्दे पर कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।











