नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। वहां मरने वालों का आंकड़ा 1300 से अधिक हो गया है, जबकि, 5000 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है। मलबे में दबे लोगों की तलाश अभी भी जारी है। आपदा के ग्यारहवें दिन भी कुछ लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
मृतकों और लापता लोगों की संख्या
अब तक नेपाल में 1344 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। करीब 5000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। तिब्बत में 21 मौतें हुई हैं और वहां 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में 85 बच्चों की मौत भी हुई है। अब तक 13,100 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है।
दो नए रेस्क्यू
शनिवार को दो लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की 225 मीटर गहरी सुरंग ‘आदित टनल 4’ से लु हाईताओ नाम के एक चीनी नागरिक को सुरक्षित निकाला गया। दक्षिण कोरिया की टीम की मदद से उन्हें निकाला गया। उनके शरीर पर कोई चोट नहीं है। हाइपोथर्मिया का हल्का असर है। उन्हें हेलीकॉप्टर से आर्मी अस्पताल पहुंचाया गया। यह सुरंग से निकाले जाने वाले तीसरे व्यक्ति हैं। इससे पहले शुक्रवार को दो और लोगों को दूसरी सुरंग से निकाला गया था। अलग-अलग परियोजनाओं की सुरंगों में अभी भी 900 से ज्यादा लोग फंसे हो सकते हैं।
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दूसरी तरफ नुवाकोट के बिदुर कस्बे के बेत्रावती इलाके में 60 वर्षीय चंदिका कुमारी श्रेष्ठ को उनके चार मंजिला घर की सबसे ऊपरी मंजिल के मलबे से निकाला गया। वे बेहोशी की हालत में मिलीं। उन्हें हेलीकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल भेजा गया। उनके परिवार ने कई दिनों तक न मिलने पर कुश का पुतला बनाकर सांकेतिक अंतिम संस्कार कर दिया था।
राहत और बचाव का काम
पुल और सड़कें बह जाने से कई जगहों का जमीनी संपर्क टूट गया है। इसलिए 20 हेलीकॉप्टरों के जरिए खोज और बचाव का काम चल रहा है।
शवों की स्थिति
501 शवों के कोई न कोई अंग गायब हैं। सबसे ज्यादा 360 शव चितवन जिले से मिले हैं। सिर्फ 98 शवों को उनके परिवार वालों को सौंपा जा सका है। अस्पतालों में जगह न होने की वजह से 1030 शवों को अस्थायी तौर पर दफनाया गया है। डीएनए जांच के लिए उनके नमूने रखे गए हैं।
















