जुलाई के महीने में स्पेन के सेउटा शहर में मोरक्को से आए हुए अप्रवासियों की भीड़ ने पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया था और यह दिखाया था कि अगर हजारों निहत्थे लोगों की भीड़ भी एकसाथ आ जाती है तो कैसे प्रशासन विफल हो सकता है। पूरे दो दिनों की अराजकता के बाद ऐसा कहा गया कि कुछ हजारों को छोड़कर लगभग 70,000 अप्रवासी वापस चले गए हैं।
यह कहा गया कि तीन या चार हजार अप्रवासी ही शेष हैं। मगर मीडिया में आई रिपोर्ट्स यह खुलासा कर रही हैं कि स्पेन के सेउटा में सब कुछ ठीक नहीं है। वहाँ पर अभी भी तनाव है क्योंकि अप्रवासी अभी भी वहाँ पर हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। स्पेन की वामपंथी सरकार के अनुसार अब मात्र 3,500 से 7,000 अप्रवासी ही सेउटा में हैं, जबकि सेउटा के दक्षिणपंथी नेताओं के अनुसार यह संख्या कम से कम 10,000 है।
और ये लोग वहाँ पर अप्रवासियों के लिए बसाए हुए शिविरों में रह रहे हैं। सेउटा के स्थानीय लोग इन शिविरों और वहाँ पर दी जा रही सहायता राशि का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उनके रहने से सुरक्षा का तो खतरा है ही, साथ ही ये लोग गंदगी भी करते हैं। स्थानीय नागरिकों में लगातार ही इन अप्रवासियों के चलते असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने सेउटा में अप्रवासी शिविर में आग लगाई
यह असंतोष इस सीमा तक बढ़ा है कि सरकार द्वारा बात न सुनने पर नागरिकों ने मामला अपने हाथों में ले लिया है और उन्होंने गुरुवार को एक अप्रवासी शिविर में आग लगा दी और पुलिस के साथ हाथापाई भी की। सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता उस घटना को लेकर थी, जिसमें अप्रवासियों ने स्पेन के सैन्य वाहन पर हमला कर दिया था। यूरो न्यूज के अनुसार, यह तनाव तब और तेजी से बढ़ा था जब चार सैनिकों को लेकर जा रहे सैन्य वाहन पर गुरुवार को सुबह 70 से अधिक अप्रवासियों ने पत्थरों और अन्य चीजों से हमला कर दिया था। सैनिक किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल हुए और उन्होंने पुलिस को कॉल करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एक सैनिक को पत्थरों से हल्की चोट आई थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर यह हमला क्यों किया गया था।
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में एक बार फिर से असंतोष बढ़ गया। और तनाव के बीच अप्रवासी शिविर में आग लगा दी गई। लोगों का कहना है कि सरकार की तरफ से किसी भी तरह का कोई भी सहयोग उन्हें नहीं मिला है, और उन्हें ऐसा लग रहा है कि जैसे उन्हें छोड़ दिया गया है। यूरोन्यूज के अनुसार शहर की फाइनैन्शल काउन्सलर ने यह सब बातें कहीं, मगर साथ ही उन्होनें लोगों से शांति की भी अपील की और कहा कि लोगों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, मगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का।
मगर वहीं लोगों का कहना है कि मोरक्को से आए हुए हिंसक अप्रवासियों को जिस प्रकार से सुविधाएं दी जा रही हैं, वह उनके लिए खतरे पैदा कर रही है। और सरकार उनकी बातें सुन नहीं रही है।
आम लोग वामपंथी लोगों का विरोध कर रहे हैं
यह और भी दिलचस्प है कि जहां वामपंथी नेपत्रकार आदि अप्रवासियों को लेकर उदार स्वर अपनाए हुए हैं, मगर वहीं आम लोग उनका विरोध कर रहे हैं। एक्स पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक स्थानीय स्पेनिश माता वामपंथी टीवी होस्ट का विरोध कर रही है। टीवी होस्ट उस महिला को यह कहते हुए शांत कराने का प्रयास कर रही है कि सभी अप्रवासियों को स्पेन से बाहर भेजना खतरनाक है। और इस पर उस महिला ने कहा कि अगर वे सीमा का उल्लंघन करके आए हैं, तो उन्हें उसे तरह से वापस लौटना चाहिए क्योंकि हमारे बच्चों पर इसका असर नहीं आना चाहिए। उन्होनें आगे कहा कि मेरे बच्चे अपने घर में ताले में बंद रहते हैं— मेरे बच्चे 14 और 12 साल के हैं, और क्या यह ठीक है कि वे समुद्र तट पर नहीं जा सकते?
🇪🇸🔴 JUST IN: A local Spanish mother in Ceuta demolishes a left-wing TV host sitting comfortably in Madrid during a debate about immigration.
The host tries to claim it is "dangerous" to say all the migrants should leave Spain.
The mother explodes: "If they came by violating a… pic.twitter.com/Sp0CnaVff9
— Remix News & Views (@RMXnews) August 28, 2026
उन्होंने जो आगे कहा, वह और भी आँखें खोलने वाला था। महिला ने टीवी होस्ट से कहा, “अपने बच्चों को यहाँ लाएं, अगर आपमें हिम्मत है तो! मैड्रिड में बैठकर यह सब बोलना बहुत सरल है। मेरे बच्चों के अधिकारों की रक्षा कौन करेगा? यहाँ पर मजबूती से खड़ी उनकी माँ, न कि आपके जैसे स्टूडियो में बैठी हुई महिला!”
दक्षिणपंथी विपक्षी दल लगातार ही इस बात की मांग कर रहे हैं कि सभी अप्रवासियों को वापस भेजा जाना चाहिए, मगर वामपंथी दल इस पर सहमत नहीं हैं।
वहीं स्थानीय लोगों मे इस सीमा तक असंतोष और गुस्सा है कि उन्होनें अप्रवासियों के लिए आई रेड क्रॉस की गाड़ियों को रोक दिया गया। इन वाहनों में अप्रवासियों के लिए खानेपीने का सामान था। लोग स्पेन के झंडे लहरा रहे थे और यह नारे लगा रहे थे कि “उन्हें यहाँ से जाना चाहिए!”
हालांकि स्पेन की सरकार द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि वे इस आपदा से उबरने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।











