RSS के युवा संगम में आलोक कुमार का युवाओं को संदेश, बोले- युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत
August 29, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत बिहार

RSS के युवा संगम में आलोक कुमार का युवाओं को संदेश, बोले- युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

संघ के युगाब्द 5128 एवं विक्रमी संवत् 2083 के इस कालखंड में संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित युवा संगम का केंद्रीय भाव “व्यक्ति-निर्माण • राष्ट्र-निर्माण” रहा ।

Written byPanchjanyaPanchjanya — edited by Mahak Singh
Aug 29, 2026, 02:22 pm IST
inबिहार
मुख्य वक्ता आलोक कुमार जी

मुख्य वक्ता आलोक कुमार जी

मोतिहारी: चंपारण की ऐतिहासिक एवं राष्ट्र-जागरण की धरती से युवा शक्ति को संस्कार, संगठन, सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध से जोड़ने का प्रभावशाली संदेश देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मोतिहारी के तत्वावधान में संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित दो दिवसीय ‘युवा संगम शिविर’ महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बनकट, मोतिहारी स्थित गांधी भवन में गरिमामय वातावरण में शुभारंभ हुआ। शिविर में मोतिहारी क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों से आए युवाओं एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

युवा संगम : व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण

संघ के युगाब्द 5128 एवं विक्रमी संवत् 2083 के इस कालखंड में संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित युवा संगम का केंद्रीय भाव “व्यक्ति-निर्माण • राष्ट्र-निर्माण” रहा। शिविर का उद्देश्य युवाओं के भीतर आत्मविश्वास, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने के साथ उन्हें भारतीय जीवन-मूल्यों, सेवा, सामाजिक समरसता, संगठन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध से जोड़ना रहा। दो दिवसीय युवा संगम शिविर के प्रथम दिवस, पंजीकरण सामूहिक अनुशासन, सहभागिता और संगठन की भावना से ओतप्रोत गतिविधियों ने शिविर के वातावरण को प्रारंभ से ही उद्देश्यपूर्ण स्वरूप प्रदान किया।

उद्घाटन सत्र में उत्तर बिहार प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्रीमान प्रवीर जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ तथा उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के गाँधी भवन के निदेशक प्रो. प्रसून दत्त सिंह जी रहे, इस  अवसर पर प्रवीर जी ने  कहा कि युवा संगम की आवश्यकता, स्वयंसेवक जीवन के मूलभूत गुणों तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखते हुए कहा कि युवा शक्ति को केवल ऊर्जा के रूप में नहीं, बल्कि संस्कारित और संगठित ऊर्जा के रूप में विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन में अनुशासन, आत्मीयता, सेवा, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को स्थान देने की प्रेरणा दी। उद्घाटन सत्र में यह भाव प्रमुखता से सामने आया कि संघ कार्य का केंद्र केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण है । व्यक्ति के विचार, व्यवहार और आचरण में सकारात्मक परिवर्तन के माध्यम से परिवार और समाज में परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। युवाओं को अपने व्यक्तित्व को ऐसा बनाने का आह्वान किया गया, जो समाज के लिए प्रेरणा और राष्ट्र के लिए उपयोगी शक्ति बन सके।

स्वयंसेवक गुण एवं शाखा विस्तार

रात्रि भोजन के पश्चात आनंद सभा का आयोजन हुआ। आनंद सभा ने दिनभर की गतिविधियों के बीच युवाओं में आत्मीयता, सहजता और पारस्परिक परिचय को मजबूत किया। रात्रि 10:30 बजे दीप मिलन के साथ प्रथम दिवस की गतिविधियों का समापन हुआ। शिविर का दूसरा दिन प्रातः जागरण के साथ विभिन्न गतिविधियों के साथ एकात्मता  आयोजित चर्चा सत्र में प्रवर्तकों द्वारा ‘स्वयंसेवकों के गुण एवं व्यवहार तथा शाखा विस्तार’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। चर्चा सत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि स्वयंसेवक का वास्तविक परिचय उसके व्यवहार, आचरण, अनुशासन, समयबद्धता, आत्मीयता और समाज के प्रति संवेदनशीलता से होता है। स्वयंसेवक का जीवन समाज के बीच विश्वास उत्पन्न करने वाला होना चाहिए। उसके व्यवहार में सहजता, विनम्रता, आत्मीयता और सहयोग की भावना दिखाई देनी चाहिए। साथ ही शाखा विस्तार को केवल संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया न मानकर समाज के अधिक से अधिक लोगों तक राष्ट्रभाव, संस्कार और संगठन की सकारात्मक चेतना पहुंचाने का माध्यम बताया गया। चर्चा में यह भी स्पष्ट किया गया कि शाखा समाज के बीच व्यक्ति निर्माण और सामाजिक संपर्क का प्रभावी माध्यम है। शाखा का विस्तार तभी सार्थक है जब उससे नए लोगों का जुड़ाव केवल उपस्थिति तक सीमित न रहे, बल्कि उनके जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रबोध का विकास हो। युवाओं को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संपर्क और आत्मीयता बढ़ाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी गई।

स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र

चर्चा सत्र के पश्चात आयोजित प्रथम संवाद सत्र में क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख श्रीमान मनोज जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, उन्होंने युवा जीवन में शारीरिक स्वास्थ्य, अनुशासन, नियमितता और सक्रिय जीवन-पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ मन और सक्रिय जीवन का आधार है। युवा यदि अपने जीवन में नियमितता, व्यायाम, खेल और अनुशासन को अपनाते हैं तो इससे न केवल उनका शारीरिक विकास होता है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, एकाग्रता और कार्यक्षमता भी बढ़ती है। संवाद के दौरान युवाओं को यह संदेश दिया गया कि शारीरिक क्षमता केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में सक्रिय सहभागिता की भी आधारभूमि है। स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान युवा ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

अपराह्न में ‘संवाद सह जिज्ञासा समाधान’ का विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में उत्तर बिहार प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्रीमान प्रवीर जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। युवाओं को विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखने, प्रश्न पूछने तथा संवाद के माध्यम से उनके समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। श्री प्रवीर जी ने युवाओं के प्रश्नों का समाधान करते हुए जीवन में स्पष्ट दृष्टि, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र और समाज से जुड़े विषयों को समझने, अपने दायित्वों को पहचानने तथा अपने जीवन को व्यापक सामाजिक उद्देश्य से जोड़ने की प्रेरणा दी। ‘संवाद सह जिज्ञासा समाधान’ सत्र की विशेषता यह रही कि इसमें युवाओं को केवल विचार सुनने का अवसर नहीं मिला, बल्कि उन्होंने सक्रिय रूप से अपनी जिज्ञासाएं सामने रखीं। प्रश्न और उत्तर के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान हुआ और युवाओं को विषयों को गहराई से समझने का अवसर मिला। इसने शिविर को एक जीवंत, सहभागी और संवादात्मक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य वक्ता आलोक कुमार जी, सह सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मार्गदर्शन युवाओं और शहर के गणमान्य व्यक्तियों को प्राप्त हुआ। समापन दिन युवा संगम का प्रमुख पड़ाव रहा। इस अवसर पर दो दिनों की गतिविधियों का सार सामने आया और युवाओं को राष्ट्र जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। समापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री आलोक कुमार जी का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। शिविर के समापन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री आलोक कुमार जी ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी शक्ति और सबसे बड़ी संभावना है। यदि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा, ज्ञान और सामर्थ्य को संस्कार, अनुशासन एवं राष्ट्रबोध से जोड़ दें तो भारत को समर्थ, सशक्त और विश्व के कल्याण का मार्गदर्शक राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक परिवर्तन संभव है।

राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति

आलोक कुमार जी ने अपने संयमित और संक्षिप्त उद्‌बोधन में आज कम समय में युवाओं ने अच्छा प्रदर्शन युवा संगम शिविर में किया ये सभी युवा नियति शाखा जाकर अपन व्यक्तित्व सामाजित और शारीरिक विकास कर रहे है। और आज के समय में शिविर क्यों लगाना जरूरी है, संगठन क्यों जरूरी है, संगठन की समाज में क्या उपयोगिता है आदि विषयों पर अपनी बात रखी और बताया – “संगच्छध्वं संवद्‌हवं स वो मनांसि जानताम्” – हमें मिलजुल कर रहने, एक साथ आगे बढ़ने और आपसी एकता का संदेश देता। यही काम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पिछले 100 वर्षों से कर रहा है और यही हमारी परम्परा है कि समाज के सभी नागरिकों में देशभक्ति की भावना जागे । जब एक संगठित समूह अच्छा आचरण करता है तो देखा-देखी समाज वहीं कार्य करता है, यहाँ देश प्रथम होना चाहिए और हमारे कार्यो से समाज में सभी सुखी रहे इसी भावना को चरित्रर्ध्य करना है। उन्होंने कहा कि यदि हम सारी अपेक्षा दूसरों से करते हैं जब हमारा क्रम आता है तो पिछे हठ जाते है। हमारे समाज में संविधान- मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य दोनो हम सभी को प्रदान करता है हमें मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्य  के बीच सन्तुलन बनाना अति आवश्यक है क्योकि समाज संतुलन और सामजस्य से आगे बढ़ता है।

श्री आलोक कुमार जी ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल भौतिक संसाधनों, व्यवस्थाओं और संस्थाओं से नहीं होता, बल्कि राष्ट्र के नागरिकों के चरित्र, संस्कार, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व से होता है। व्यक्ति का निर्माण होगा तो परिवार सुदृढ़ होगा, परिवार सुदृढ़ होगा तो समाज मजबूत एवं समरस बनेगा और सशक्त, संगठित एवं समरस समाज ही समर्थ राष्ट्र की आधारशिला रखेगा। इसलिए युवाओं को अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत सफलता, कैरियर और सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान, प्रतिभा, समय और श्रम का एक अंश समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। श्री आलोक कुमार जी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति केवल जनसंख्या का एक बड़ा वर्ग नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाली शक्ति है। युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा अपने कैरियर में आगे बढ़ें, ज्ञान और कौशल प्राप्त करें, तकनीक का सदुपयोग करें, लेकिन साथ ही समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को भी समझें। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सफलता और राष्ट्र की सफलता एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। जब युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज के हित में करता है, अपने कार्य में ईमानदारी और उत्कृष्टता को अपनाता है तथा अपने आसपास सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास करता है, तभी उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि राष्ट्र की उपलब्धि में बदलती है, उन्होंने युवाओं से सेवा, सामाजिक समरसता और संगठन के माध्यम से समाज को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण का कार्य किसी एक संस्था अथवा व्यक्ति का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। इस दायित्व में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मोतिहारी और चंपारण की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित इस युवा संगम का विशेष महत्व रहा। चंपारण भारतीय जनजागरण, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय चेतना के इतिहास में विशिष्ट स्थान रखता है। महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह ने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय इतिहास में विशेष पहचान प्रदान की। इसी धरती पर स्थित महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के गांधी भवन में आयोजित युवा संगम ने अतीत की प्रेरणा को वर्तमान की युवा ऊर्जा से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

समर्पित कार्यकर्ताओं का योगदान

युवा संगम शिविर की सफलता के पीछे विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का समर्पित एवं सामूहिक प्रयास रहा। शिविर की समग्र व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने में जिला प्रचारक श्री सिवम सोनु जी का विशेष योगदानरहा तथा साथ ही आवास व्यवस्था में श्री अभिषेक जी एवं डॉ. अरुण दुबे जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सज्जा एवं बौद्धिक व्यवस्था के दायित्व का निर्वहन डॉ. नरेंद्र सिंह, सह जिला संपर्क प्रमुख द्वारा किया गया, जबकि रंगोली एवं साज-सज्जा के साथ साथ पंजीकरण में डॉ. अनुपम कुमार वर्मा का विशेष योगदान रहा। प्रतिभागियों के लिए भोजन की व्यवस्था विभाग व्यवस्था प्रमुख श्री जितेंद्र त्रिपाठी जी और सह नगर कार्यवाह श्री अबोध जी व श्री वीरेंद्र जी, श्री रामनरेश जी व बोद्धिक प्रमुख के रूप में श्री धनजय उदय जी द्वारा संभाली गई। इनके साथ प्रान्त टोली सदस्य श्री विजय जायसवाल जी, विभाग संघ चालक श्री राज किशोर प्रसाद जी,  विभाग कार्यवाह श्री कृष्णा पासवान जी, जिला संघचालक श्री सुशील पाण्डेय जी, सह जिला संघचालक श्री श्याम सुन्दर राम जी, नगर संचालक श्री उदय नारायण जी, जिला कार्यवाह श्री अजित प्रकाश जी, सह जिला कार्यवाह श्री मनोज क्याल जी, जिला व्यवस्था प्रमुख और सामाजिक सद्भाव संयोजक श्री कृष्ण कुमार जी, विभाग सम्पर्क प्रमुख श्री रवि शंकर जी, कुटुम्ब प्रबोधन के प्रान्त संयोजक श्री अरुण सिन्हा जी, इसके साथ ही रक्शोल के जिला संघचालक श्री प्रेम चन्द आर्य , श्री दद्दन जी, श्री चन्द्र शेखर जी, उत्पल, गौतम, वीरेन्द्र , अतुल, विजय, सहित संघ के विभिन्न दायित्वों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शिविर की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास, समर्पण, अनुशासन और सेवा-भावना के कारण दो दिवसीय युवा संगम सुचारु, व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।

गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव, मोतिहारी के माननीय सांसद श्री राधा मोहन सिंह जी, बेतिया के माननीय सांसद श्री संजय जायसवाल जी तथा विधायकगण श्री प्रमोद कुमार, श्री राणा रणधीर सिंह, श्री संजय कुमार एवं श्री कृष्णनंदन पासवान, सचिन्द्र सिंह जी, श्याम बाबु यादव जी, पूर्व विधायक श्री सुनील मणि त्रिपाठी जी, भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री पवन राज जी, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री प्रमोद अस्थाना जी, उप महापोर श्री लाल बाबु प्रसाद जी, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष श्री सुधांशु जी, डॉ. हीना चंद्रा जी, श्रीमती प्रियंका नागवंशी जी, विश्व हिन्दू परिषद् के श्री राना रणवीर सिंह जी, भाजयो के जिला अध्यक्ष के बबलू पासवान जी, सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की तथा युवा शक्ति के सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व के प्रति व्यापक सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। चंपारण की धरती से निकला यह संदेश स्पष्ट रहा कि भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा चेतना है और युवा चेतना की सबसे बड़ी शक्ति उसके संस्कार, चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रबोध में निहित है। यदि युवा अपने व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं तो आने वाला भारत केवल आर्थिक रूप से शक्तिशाली नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से समरस, सांस्कृतिक रूप से आत्मविश्वासी और मानवीय मूल्यों से संपन्न भारत होगा।

Topics: Motihari NewsAlok Kumar RSSMotihari Youth Sangam CampRSS Youth SangamMotihari RSS Youth ProgramRSSRashtriya Swayamsevak SanghRSS Centenary Year
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

न्यूयार्क पहुंचने पर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत का स्वागत करतीं मातृशक्ति

सरसंघचालक श्री मोहन भागवत अमेरिका पहुंचे, न्यूयॉर्क में Universal Oneness कार्यक्रम में करेंगे शिरकत

गांव के अखाड़े से Olympic Podium तक… भारत की खेल क्रांति की पूरी कहानी

बैठक के मंच पर विराजमान हैं श्री मोहनराव भागवत और श्री दत्तात्रेय होसबाले

अखिल भारतीय समन्वय बैठक : कार्य विस्तार और संवाद पर जोर

‘युवाओं को उपदेश नहीं, संवाद की जरूरत’: संघ की समन्वय बैठक में युवा पीढ़ी पर विशेष मंथन

संगोष्ठी को आनलाइन संबोधित करते हुए प्रशांत पोल

विभाजन की विभीषिका : ‘सरकार ने हिंदुओं को मरने के लिए छोड़ दिया था’

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

USCIRF का भारत विरोधी एजेंडा और वैश्विक गठजोड़ फिर उजागर, सरसंघचालक डॉ. भागवत के यूएस प्रवास पर बेचैन!

Load More

ताज़ा समाचार

मुख्य वक्ता आलोक कुमार जी

RSS के युवा संगम में आलोक कुमार का युवाओं को संदेश, बोले- युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

Uttarakhand Illegal Madarsa

धामी सरकार के खिलाफ बोलने वाले मौलवी का मदरसा भी अवैध, मदरसा बोर्ड समाप्त होने के बाद भी चल रहे अवैध मदरसे

फैक्ट चेक: हल्द्वानी रामलीला मैदान प्रकरण में क्या हैं तथ्य?

Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरने के लिए बोले कई झूठ, फैक्ट चेक में सामने आया सच

MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम, 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Uttarakhand

‘मुल्लेवादी सोच से नहीं चलेगा उत्तराखंड…ये देवभूमि है’, बारवाफात जुलूस में मौलवी के जहरीले भाषण पर बोले CM धामी

Explainer: नेपाल का सैलाब को देखते हुए भारत को अलर्ट रहने की क्यों जरूरत है?

पुतिन ने किया बड़ा दावा – रूस के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं 30 से अधिक देश

aadhar card

बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनवाया है तो जान लें ये जरूरी बात, UIDAI ने वीडियो से समझाई पूरी अहमियत

न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन आज, सरसंघचालक मोहन भागवत देंगे संबोधन

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies