28 अगस्त का दिन भारत और विश्व इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए याद किया जाता है। इस दिन युद्ध, खेल और विश्व राजनीति से जुड़ी ऐसी घटनाएं हुईं, जिनका असर लंबे समय तक देखने को मिला। भारतीय इतिहास की बात करें तो 28 अगस्त 1965 का दिन भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान विशेष महत्व रखता है। इसी दौर में भारतीय सेना ने हाजीपीर दर्रे पर कब्जा कर अपनी सैन्य क्षमता और साहस का परिचय दिया। हाजीपीर दर्रा रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण स्थान था, क्योंकि यह क्षेत्र भारत और पाकिस्तान के बीच आवाजाही और सैन्य गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जाता था। भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में बहादुरी से लड़ते हुए इस क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लिया।
28 अगस्त 2017 भी भारतीय खेल इतिहास का एक यादगार दिन रहा। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। भले ही वह स्वर्ण पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन उनका रजत पदक भी भारत के लिए बड़ी उपलब्धि था। उनकी इस सफलता ने देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विश्व इतिहास में 28 अगस्त प्रथम विश्वयुद्ध के शुरुआती दौर से भी जुड़ा है। वर्ष 1914 में यूरोप में तनाव तेजी से बढ़ रहा था और कई देशों के बीच संघर्ष शुरू हो चुका था। इसी समय प्रथम विश्वयुद्ध ने बड़े स्तर पर दुनिया को प्रभावित करना शुरू किया। इस युद्ध ने करोड़ों लोगों के जीवन और कई देशों की राजनीति, अर्थव्यवस्था तथा सीमाओं को बदल दिया। इस तरह 28 अगस्त का इतिहास हमें युद्ध में सैनिकों की वीरता, खेलों में खिलाड़ियों की मेहनत और विश्व की बड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की याद दिलाता है। यह दिन हमें साहस, संघर्ष और सफलता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखने का अवसर देता है।
1965- भारत ने हाजीपीर दर्रा जीता

2017- पी.वी. सिंधु ने विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में रजत जीता

1914- प्रथम विश्वयुद्ध का औपचारिक रूप से प्रारंभ


















