विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष श्री ए. बालकृष्णन जी का निधन गुरुवार सुबह पांच बजे निधन हो गया। वह 88 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। श्री बालकृष्ण जी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
विवेकानन्द रॉक मेमोरियल एवं विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष बालकृष्णनजी जीवनव्रती कार्यकर्ता थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय अध्यक्ष रहे श्री ए. बालकृष्णन जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। बालकृष्णन जी ने अपने जीवन के पांच दशक से अधिक का समय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और समाज की सेवा में समर्पित किया। विवेकानंद केंद्र के शुरुआती ‘जीवनव्रतियों’ में से एक के तौर पर, उन्होंने पूरे देश में अथक परिश्रम किया। पूर्वोत्तर भारत के साथ उनका विशेष और गहरा जुड़ाव था। उन्होंने शिक्षा, समाज-सेवा और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवेकानंद केंद्र के पूरे परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जताया शोक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत और सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने शोक संवेदना में कहा कि विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष श्री ए. बालकृष्णन जी कर्मयोग की साक्षात् प्रतिमूर्ति थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन स्वामी विवेकानन्द जी के विश्वबंधुत्व एवं सहिष्णुता के संदेश के प्रसार तथा राष्ट्र एवं समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका सरल जीवन, निःस्वार्थ सेवा, त्याग एवं हिन्दुत्व के प्रति उनकी अटूट निष्ठा भारतवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। श्री बालकृष्ण जी, स्वामी विवेकानन्द जी के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए कन्याकुमारी स्थित विवेकानन्द केन्द्र के आजीवन समर्पित स्वयंसेवक-दल के प्रारम्भिक पीढ़ी के स्वयंसेवक थे। उनके निधन से हिन्दू समाज ने एक महान आत्मा को खो दिया है। उनके देवलोक गमन से उत्पन्न हुई रिक्तता की पूर्ति अत्यन्त कठिन है। हम दिवंगत श्री बालकृष्ण जी को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि इस पुण्यात्मा को परम गति एवं मोक्ष प्रदान करें।

















