आलमारी, लोहे के भारी ट्रंक, गंदे मंदे गद्दे, नीले ड्रम, गैस-बर्तन और पुराने झाड़ू। जी नहीं यह कबाडख़ाना नहीं, पंजाब के जालंधर महानगर में एक सरकारी स्कूल की स्मार्ट क्लास है। जी हां, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में चल रही पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग की स्मार्ट स्कूलों की झलक इसी स्कूल से मिल जाती है।
कहां है स्कूल
जालंधर के पंज पीर चौक स्थित गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल (कोट अमीन खां) का हाल बेहाल है। महज 50 वर्ग गज की दुकान-नुमा इमारत में दूसरी मंजिल पर चल रहे इस स्कूल की एक तस्वीर ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। जिस कमरे को स्मार्ट क्लासरूम होना चाहिए था, वह आज कबाडख़ाना और स्टोर रूम बनकर रह गया है।
तीन कक्षाएं एक कमरे में
कमरे में लोहे के भारी बक्से (ट्रक), लकड़ी की अलमारी, गद्दे, नीले ड्रम, गैस-बर्तन और झाड़ ठूंसकर रखे गए हैं। जगह की भारी कमी के कारण पहली-दूसरी और नर्सरी के बच्चे इसी संकरे कमरे में कंबाइंड क्लास में बैठते हैं और यहीं फर्श पर बैठकर मिड-डे मील खाने को मजबूर हैं। स्कूल में 35 बच्चों पर केवल दो शिक्षक हैं।
दो मंजिला इमारत, बैग ढोकर चढ़ रहे बच्चे
ग्राउंड फ्लोर पर गोदाम और चप्पल स्टोर है। 3-4 साल के मासूम बैग टांगकर संकरी सीढिय़ों से दूसरी मंजिल चढ़ते हैं। सीढिय़ों पर सुरक्षा के लिए केवल लकड़ी का एक दरवाजा और कुछ जगन लकड़ी के पट्टे लगाए गए हैं।
जिला अधिकारियों का पक्ष
इस संबंध में जिला उप शिक्षा अधिकारी मुनीष शर्मा बताते हैं कि स्कूल में जगह की कमी की समस्या है। मामले में बीपीईओ से जानकारी ली जा रही है। शिक्षा विभाग के जिला मुख्याल की नाक तले चल रहे इस स्कूल के बारे अधिकारी कह रहे हैं कि इसकी जानकारी ली जा रही है अर्थात कि सरकार को इस स्कूल की ताजा जानकारी नहीं है और ऊपर से दावे किए जा रहे हैं शिक्षा क्रान्ति के?











