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27 अगस्त का इतिहास: 60 हजार साल बाद धरती के इतना करीब आया था मंगल, जानें भारत की इस अनोखी उड़ान की कहानी

आइए जानते हैं 27 अगस्त के इतिहास में दर्ज इन दोनों महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में विस्तार से।

Published by
Mahak Singh

27 अगस्त की तारीख इतिहास के पन्नों में विज्ञान और विमानन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए खास जगह रखती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मानव ने अपनी जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी क्षमता के दम पर कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो कभी असंभव लगती थीं। 27 अगस्त से जुड़ी घटनाओं में एक तरफ अंतरिक्ष और ग्रहों से जुड़ी रोमांचक खगोलीय घटना शामिल है, तो दूसरी तरफ भारत की विमानन क्षेत्र में नई तकनीक और वैकल्पिक ईंधन की दिशा में बढ़ते कदम की कहानी सामने आती है।

साल 2003 में 27 अगस्त का दिन खगोल विज्ञान के लिए बेहद खास रहा। इस दौरान मंगल ग्रह करीब 60,000 वर्षों में पहली बार पृथ्वी के बेहद करीब पहुंचा था। इस दुर्लभ खगोलीय घटना ने दुनियाभर के लोगों और वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आसमान में लाल ग्रह को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने उत्सुकता दिखाई। इसके कई साल बाद 2018 में 27 अगस्त को भारत ने विमानन क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की। देहरादून से दिल्ली के बीच जैव ईंधन से विमान उड़ाया गया। यह प्रयोग पारंपरिक विमान ईंधन के विकल्प तलाशने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। आइए जानते हैं 27 अगस्त के इतिहास में दर्ज इन दोनों महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में विस्तार से।

2003 – 60,000 साल बाद मंगल ग्रह धरती के सबसे पास पहुंचा।


2018 – भारत में पहली बार (देहरादून से दिल्ली) जैव ईंधन से विमान उड़ा।

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