लखनऊ । भाजपा ओबीसी मोर्चा 21 अगस्त को श्रद्धेय कल्याण सिंह जी की पुण्यतिथि पूरे प्रदेश में मनाएगा। जिन जिलों में बाबू जी की प्रतिमा लगी है, वहां प्रतिमा की साफ-सफाई, दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण किया जाएगा।
शेष जगहों पर बाबू जी का चित्र लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गोष्ठी का आयोजन होगा। कार्यक्रम के माध्यम से बाबू जी के व्यक्तित्व व कृतित्व की चर्चा करते हुए पिछड़े वर्ग के लोगों व यूपी की जनता के हित में किए गए अनेक ऐतिहासिक कार्यों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
कार्यक्रम में पिछड़े वर्ग के महापुरुषों के सम्मान का मुद्दा उठाएगा ओबीसी मोर्चा
इस अवसर पर ओबीसी मोर्चा सवाल करेगा कि अखिलेश यादव व समाजवादी पार्टी के लोग किन पिछड़ों के सम्मान की बात करते हैं, जहां देवी अहिल्याबाई होल्कर से लेकर बाबू कल्याण सिंह जी जैसे पिछड़ों के महापुरुषों का इस तरह अपमान किया गया। पिछड़ों के नाम पर पिछड़ा वर्ग समाज के कई लोगों के लूटे गए हकों को याद दिलाते हुए समाजवादी पार्टी की सरकार में राम भक्तों पर चलाई गई गोलियों के पीछे की मंशा पर सवाल पूछा जाएगा।
प्रकाश पाल ने कहा- मन का भेद होना हमारी संस्कृति नहीं है
ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि एक राजनीतिक दल के रूप में विचारों में भिन्नता हो सकती है। राजनीतिक दलों का आपस में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है। पर मन का भेद होना हमारी संस्कृति नहीं है। राजनीति का तुष्टीकरण समाजवादी पार्टी व अखिलेश यादव की पहचान बन चुकी है। संभवतः इसी कारण पिछड़े समाज के नेता एवं हिंदू हृदय सम्राट कल्याण सिंह जी के देहांत के उपरांत अखिलेश यादव व समाजवादी पार्टी का कोई नेता उनकी अंत्येष्टि/श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ। एक तरफ समाजवादी पार्टी व अखिलेश यादव फर्जी पीडीए की बात करते हैं, दूसरी तरफ पिछड़े समाज के महापुरुषों व नायकों का अपमान करते हैं। इस क्रम में वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही अखिलेश यादव द्वारा देवी अहिल्याबाई होल्कर जी के नाम से संचालित महाविद्यालय का नाम बदलने का कार्य किया गया।












