विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश)। विशाखापट्टनम के समीप स्थित गुड़िलोवा के ‘विज्ञान विहार’ परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय ‘अखिल भारतीय समन्वय बैठक’ का आयोजन 19 अगस्त से 21 अगस्त तक किया जा रहा है. बैठक से पूर्व आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने बताया कि इस वार्षिक समन्वय बैठक में संघ की प्रेरणा से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी प्रतिनिधि के तौर पर भाग ले रहे हैं.
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह और अखिल भारतीय अधिकारियों व विविध संगठनों से 49 महिलाओं समेत 253 प्रमुख कार्यकर्ता और संघ के पदाधिकारियों को मिलाकर 327 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.
निर्णय लेने वाली नहीं, अनुभवों के आदान-प्रदान की बैठक
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने स्पष्ट किया कि यह कोई कार्यकारी (Executive) निर्णय लेने वाली बैठक नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज हित में कार्यरत विभिन्न संगठनों के बीच आपसी अनुभवों को साझा करना, परस्पर समन्वय को सुदृढ़ बनाना और देश के समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श करना है.
“देश की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परिवर्तन, जनसांख्यिकीय असंतुलन (Demographic Imbalance) और युवाओं में नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही संघ के ‘समग्र भारतीय विकास मॉडल’ और ‘पंच परिवर्तन’ को धरातल पर आगे बढ़ाने की साझा रणनीति बनेगी।” – सुनील आंबेकर, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख, RSS
जानिए RSS अखिल भारतीय समन्वय बैठक के मुख्य बिंदु एक नजर में
पहलू / विषय | बैठक का मुख्य विवरण |
|---|---|
| स्थान एवं तिथि | विज्ञान विहार, गुड़िलोवा (विशाखापट्टनम) | 19 से 21 अगस्त 2026. |
| प्रमुख सहभागिता | 32 विविध संगठनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, अखिल भारतीय संगठन मंत्री और कुछ चयनित कार्यकर्ता |
| प्रमुख संगठन | VHP, ABVP, BJP, BMS, भारतीय किसान संघ, राष्ट्र सेविका समिति जैसे संघ प्रेरित विविध संगठन. |
| शीर्ष नेतृत्व | सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सह सरकार्यवाह व संघ की अखिल भारतीय टोली. |
शताब्दी वर्ष में ‘पंच परिवर्तन’ और समग्र विकास मॉडल पर जोर
पत्रकार वार्ता के दौरान सुनील आंबेकर ने स्पष्ट किया कि यह बैठक कोई निर्णय लेने वाली (कार्यकारी/एग्जीक्यूटिव) बैठक नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज हित में कार्यरत विभिन्न संगठनों के बीच आपसी अनुभवों को साझा करना है।
बैठक में संगठनों में परस्पर समन्वय को बेहतर करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होगी।
समसामयिक स्थिति : देश की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परिवर्तन और समस्याओं को लेकर बैठक में चर्चा होगी। जनसांख्या असंतुलन, डेमोग्राफिक बदलाव तथा उससे उत्पन्न होने वाली चिंताओं व उपायों को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श होगा।
नशा मुक्ति : युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं तथा आने वाले समय में सभी संगठन क्या कर सकते हैं, इस विषय पर भी बैठक में चर्चा होगी। नशा मुक्ति के साथ ही युवाओं में जागृति के लिए अन्य विषयों पर भी चर्चा होगी।
बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज परिवर्तन के लिए निर्धारित ‘पंच परिवर्तन’ के आयामों को व्यापक रूप देने पर चर्चा की जाएगी:
- सामाजिक समरसता: जातिगत भेदभाव से मुक्त एकात्म समाज का निर्माण.
- पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली: जल, पेड़-पौधों और प्लास्टिक-मुक्त जीवनचर्या का संरक्षण.
- कुटुंब प्रबोधन: पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों का संवर्धन.
- ‘स्व’ का भाव: स्वदेशी और सांस्कृतिक आत्मगौरव का जागरण.
- नागरिक कर्तव्य: समाज और संविधान के प्रति जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक पालन.
इसके साथ ही, विकास केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित न रहे, बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और मानव मूल्यों का संतुलन साधने वाले ‘समग्र भारतीय विकास मॉडल’ पर सभी संगठन अपनी आगामी कार्ययोजना तैयार करेंगे.
युवाओं में बढ़ा आकर्षण: ‘Join RSS’ के आंकड़े ढाई गुना उछले
शताब्दी वर्ष के दौरान संघ से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है-
वेबसाइट आंकड़ों की तुलनात्मक स्थिति:
- जनवरी से जुलाई तक: वर्ष 2025 में 55,423 लोगों ने पंजीकरण कराया था, जबकि 2026 में इसी अवधि में यह आंकड़ा ढाई गुना बढ़कर 1,23,287 तक पहुंच गया.
- जुलाई माह का उछाल: जुलाई 2025 में 9,718 पंजीकरण हुए थे, जबकि जुलाई 2026 में 24,086 लोगों ने जुड़ने की इच्छा जताई.
- युवाओं की भारी हिस्सेदारी: जुड़ने वालों में 65% युवा 30 वर्ष से कम आयु के हैं, जबकि 40 वर्ष से कम आयु वर्ग का हिस्सा 85% है.
इस प्रेस वार्ता के दौरान दक्षिण मध्य क्षेत्र के सह संघचालक दूसी रामकृष्ण जी और अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी जी भी उपस्थित रहे.












