
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस वाले दिन जनता से अपील की कि वे स्वदेशी अपनाएं
भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला परिसर में मुख्य समारोह की अगुवाई करेंगे। वे 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल पहली बार लाल किले पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन होगा। यह आयोजन वंदे मातरम की 150 साल पुरानी परंपरा को समर्पित है। साथ ही 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका का भी जिक्र रहेगा। देशभर में राज्यों की राजधानियों और अन्य जगहों पर ध्वजारोहण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
लाल किला पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी उन्हें सलामी मंच तक ले जाएंगे। थल सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल सलामी देंगे। प्रधानमंत्री सलामी गार्ड का निरीक्षण करेंगे। इस साल भारतीय सेना समन्वयक सेवा की जिम्मेदारी संभाल रही है। सलामी गार्ड की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह के पास होगी।
निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में उनकी मदद करेंगी। ध्वजारोहण के साथ 1721 फील्ड बैटरी 21 तोपों की सलामी देगी।
ध्वज फहराने के समय सेना का बैंड वंदे मातरम की धुन बजाएगा। लाल किले पर मौजूद सभी लोग सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाएंगे। इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा। ध्वजारोहण के करीब उसी समय भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा करेंगे। एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा वंदे मातरम अंकित ध्वज लेकर उड़ेगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद एनसीसी कैडेट और मेरा भारत के स्वयंसेवक फिर से वंदे मातरम का सामूहिक गायन करेंगे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को बुलाया गया है। गुरुवार को लाल किले पर इस कार्यक्रम की फुल-ड्रेस रिहर्सल भी हो चुकी है।