'बंटवारे का दर्द न भूलेंगे, न भूलने देंगे' : विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बोले सीएम धामी
October 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

‘बंटवारे का दर्द न भूलेंगे, न भूलने देंगे’ : विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बोले सीएम धामी

सीएम धामी ने कहा कि विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को हम सम्मानित करते हुए भावुक भी है और गौरवान्वित भी हुए हैं।

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा
Aug 14, 2026, 11:31 pm IST
inभारत, उत्तराखंड
विभाजन की विभीषिका पर आयोजित कार्यक्रम में बलिदानियों को दी गई श्रद्धांजलि। सीएम पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में हुए शामिल।

विभाजन की विभीषिका पर आयोजित कार्यक्रम में बलिदानियों को दी गई श्रद्धांजलि। सीएम पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में हुए शामिल।

हरिद्वार। उत्तरांचल पंजाबी महासभा और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति सम्मान समारोह  में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भावुक होते हुए कहा कि बंटवारे का दर्द, विभाजन का दर्द हम न भूले हैं, न भूलेंगे और न ही भूलने देंगे।

प्रेम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अविभाजित भारत में जन्म लेने वाले बुजुर्गों का सम्मान किया और उनकी यादों को सहेज कर रखने के लिए पंजाबी समुदाय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को हम सम्मानित करते हुए भावुक भी है और गौरवान्वित भी हुए हैं। विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले उन बलिदानियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने इस धर्म युद्ध में अपना बलिदान दिया। मां गंगा से प्रार्थना करता हूं कि आप उनका तर्पण करें।

विभाजन के दर्द की टीस आज भी है

सीएम धामी ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को एक ओर जहां देश आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दर्द सहा। देश का विभाजन भारत के लिए किसी विभीषिका से कम नहीं था। इस दर्द की टीस आज भी है, जो इसे झेलने वाले लोगों की आंखों को नम कर देती है। भारत का विभाजन केवल एक भूभाग का विभाजन नहीं था, पीढ़ियों से साथ रह रहे लोगों के बीच नफरत और सांप्रदायिकता की लकीर खींच दी गई थी। लगभग पूरा भारत छिन्न-भिन्न हो गया था।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्षों से साथ रहने वाले लोग, एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे, हर जगह क्रूरता नजर आ रही थी, जीवन मूल्यहीन हो गया था। मानव विस्थापन का इससे भयानक और विकराल रूप दुनियां में  पहले कभी नहीं देखा गया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। विभाजन के दौरान वैमनस्य और दुर्भावना का दृढ़तापूर्वक सामना करने वाले, प्रत्येक व्यक्ति के साथ मेरी सहानुभूति है आपका दर्द मेरा दर्द है क्योंकि मैं भी आपके बीच पला बढ़ा हुआ हूं।

राजनीतिक निर्बलता का उदाहरण था विभाजन

सीएम धामी ने कहा कि 1947 के हिंसक उन्माद के दौर के इस परिसर में बैठे हमारे वरिष्ठों और उनके अनेकों साथियों ने, समाज के प्रति अपने कर्तव्य, राष्ट्र के प्रति अपनी कृतज्ञता, और मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण को जीवंत रखा। इस बंटवारे ने जो जटिलताएं और विषमताएं, आजाद भारत के सामने ला कर खड़ी कीं, देश आज भी उनका सामना कर रहा है। कई इतिहासकारों और राजनेताओं ने, विभिन्न मंचों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि, भारत का विभाजन राजनीतिक निर्बलता का स्पष्ट उदाहरण था।

मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है कि, हमारी युवा पीढ़ी, उस तथ्य को जाने कि यह आज़ादी हमने किन हालातों में प्राप्त की थी? उन्होंने कहा कि देश आज आजादी के अमृत वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अमृतकाल में यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।
ये ऐसा इतिहास है जो कभी सही मायनों में लिखा ही नहीं गया और एक राजनीतिक दल ने इस नरसंहार को जनमानस के बीच आने ही नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद विभाजन विभीषिका झेल चुके आप सभी लोगों ने विभाजन से मिले दर्द को भुलाकर देश के विकास में , उत्तराखंड के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके आपके “बड़ों ,” ने  विशेषकर तराई क्षेत्र में इस हरिद्वार क्षेत्र की तरक्की में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अखंड भारत की याद दिलाता है यह दिन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ऐसे पहले प्रधानमंत्री है जिन्होंने आपके दर्द को दुनिया के सामने रखा और 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित किया ,ये दिन हमे अखंड भारत की याद दिलाता है हमे ये नहीं भूलना है कि एक दिन पुनः अखंड भारत का सपना पूरा करना है। आप पंजाबी समाज के लोग अपने शहर में विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल बना रहे है, हमारे मेयर इसमें आपका सहयोग कर रहे है आपकी सरकार भी आपका सहयोग कर रही है। पीएम मोदी  ने ही दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहबजादों के धर्मयुद्ध के बलिदान को याद करते हुए वीर बाल दिवस मनाए जाने की घोषणा की और उनके बलिदान को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया।  कांग्रेस शासन काल में इस इतिहास को, इस बलिदान को भुला दिया था।

देवभूमि के सनातन स्वरूप की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। राज्य में कन्वर्जन के विरुद्ध कानून सख्ती से लागू किया गया है।  देवभूमि के प्रति लोगों की आस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा।  राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर दी गई है,मदरसा बोर्ड  खत्म कर दिया गया है । 252  फर्जी मदरसे बंद करवा दिए है। जो है उन्हें  अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नियमों के नीचे पढ़ाई करानी होगी।

अवैध अतिक्रमण पर भी हो रही है कार्रवाई

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 12 हजार एकड़ सरकारी भूमि खाली करवा दी है जहां अब विकास के प्रोजेक्ट लगने लग रहे हैं , करीब छह सौ अवैध मजारें हटाई गई हैं। लाल, नीली चादर चढ़ाकर जमीन पर कब्जा देवभूमि में नहीं चलेगा। यहां हरिद्वार में थीं, कुछ बाकी रह गई हैं, ये सब हटाई जाएंगी। कुंभ आ रहा है ,हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण तेज हो गया है इसमें आप सभी का सहयोग जरूरी है। इस पर राजनीति से ऊपर उठ कर अगले 50 सालों के विकास की बात करनी है , हरिद्वार देवो की नगरी है , मां गंगा की पावन धारा है हमारा मरना जीना यहां से जुड़ा है, धर्म रक्षक अखाड़ों की भूमि है, सनातन के मठों आश्रमों की पावन धरा  है जिसे हमने श्रेष्ठ नगरी बनाना है ।

ये गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने सभी का स्वागत किया और पंजाबी बिरादरी की तरफ से मुख्यमंत्री धामी का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में सासंद त्रिवेंद्र रावत, राज्यसभा सदस्य कल्पना सैनी कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक सरिता कपूर
दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री विश्वास डावर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष करन मल्होत्रा, महासचिव राजकुमार फुटेला, उपाध्यक्ष राजेश डावर, संजय ढींगरा आदि भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम स्थल पर विभाजन के दर्द को परिभाषित कर रही एक प्रदर्शनी भी संस्कृति विभाग की ओर से लगाई गई जबकि उत्तरांचल पंजाबी महासभा की तरफ से रक्त दान शिविर का भी आयोजन किया गया।

 

Topics: सीएम पुष्कर सिंह धामीभारत का विभाजनविभाजन विभीषिकाहरिद्वार में सीएम धामीभारत का विभाजन 1947
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

उत्तरकाशी में सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में प्रतिभाग करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

सीएम धामी ने उत्तरकाशी में सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा का किया आगाज, बनेगा विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट।

SIR का विरोध लोकतंत्र कमजोर करने की साजिश, दिवंगत और फर्जी लोगों के वोट क्यों जुड़वाना चाहती है कांग्रेस : भाजपा

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया सम्मान।

उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना एक बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री धामी

आदि रंगोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव

भारतीय रेलवे (प्रतीकात्मक चित्र)

कुम्भ से पहले हरिद्वार को तीन नयी रेल सेवाएं, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सीमान्त क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार की पहली बैठक, 24 प्रस्ताव पर चर्चा, युवाओं का कौशल बढ़ाने को 200 करोड़ की योजना

Load More

ताज़ा समाचार

भूमिपूजन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज का कसारी-मसारी अब होगा ‘श्रीकृष्णपुरी’ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रम्बानन के मंदिरों का निर्माण

लारा जोंगरांग (प्रम्बानन) मंदिर : इंडोनेशिया की पाषाण कला में रामायण

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (बाएं), दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त (मध्य) और यानिव रेवाच (दाएं)।

संघ का विजयादशमी उत्सव: दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त मुख्य अतिथि, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आमंत्रित

आतंकवाद पर प्रहार जरूरी

हुमायूं कबीर

पश्चिम बंगाल का बदलता मिजाज : सब दिन होत न एक समान

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (प्रतीकात्मक तस्वीर)

JNU यौन उत्पीड़न केस: ABVP का कांग्रेस-लेफ्ट पर बड़ा आरोप, कहा- आरोपी को बचाने की हो रही कोशिश?

CJP प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा

अभिजीत दिपके-नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा लोगों ने क्यों लगाए दफा हो जाओ के नारे?

गृह मंत्रालय

बिना शर्त माफी पर बोला गृह मंत्रालय : अवमानना हलफनामे में माफी मांगना अनिवार्य अदालती प्रक्रिया, स्वीकारोक्ति नहीं

नारी के अनेक स्वरूप (एआई द्वारा निर्मित)

पुत्री, बहन, पत्नी, माँ: नारी का सबसे सुंदर रूप आखिर कौन-सा है?

प्रदर्शन का सांकेतिक चित्र (एआई द्वारा निर्मित)

लोकतंत्र के नाम पर अराजकता: चिंता संविधान की या 2027 की सत्ता की?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies