दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपी और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद की किताब को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द होने और कार्यक्रम का वेन्यू बदले जाने के बाद जेएनयू परिसर में गुरुवार (13 अगस्त) को किताब की चर्चा के दौरान हंगामा हुआ। कार्यक्रम शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद एबीवीपी सदस्यों के पहुंचने पर जेएनयू छात्रसंघ ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल गरमा गया। आइसा (AISA), एसएफआई (SFI), अन्य वामपंथी छात्र संगठनों और उमर खालिद के समर्थकों ने जेएनयू परिसर में नारे लगाए। इसके जवाब में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ‘इस्लामाबाद की कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में हमारी हिंदू महिलाओं के साथ गलत हो रहा है। आठ साल की बच्ची के साथ रेप हो रहा है क्या उनके अधिकार नहीं हैं?
उमर खालिद की किताब पर विवाद क्यों हो रहा?
उमर खालिद अभी जेल में बंद है। उसकी किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज: आदिवासी हिस्ट्रीज एंड द पॉलिटिक्स ऑफ पावर’ है। जेएनयू छात्रसंघ ने किताब पर चर्चा के लिए सोमवार (10 अगस्त) को स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज-2 के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम रखा था। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और कुछ तथ्यों को छिपाए जाने का हवाला देते हुए ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द कर दी थी। उनका कहना था कि कार्यक्रम की पूरी जानकारी विश्वविद्यालय को नहीं दी गई और कुछ फैक्ट्स छिपाए गए। ऑडिटोरियम नहीं मिलने पर छात्रसंघ ने कार्यक्रम रद्द करने के बजाय आज जेएनयू परिसर में ही खालिद की विवादित किताब पर चर्चा आयोजित की।

















