पंजाब में कथित पेपर लीक मामले में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार को अदालत ने झटका दिया है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय पंजाब में 454 फार्मेसी ऑफिसर की नियुक्ति प्रक्रिया पर, 17 सितंबर को इस मामले की सुनवाई तक, स्थगन लगा दिया है।
याचिका में परीक्षा रद्द करने की मांग
न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने केशव कंबोज और अन्य की याचिका पर स्थगन आदेश जारी किया। याचिका में पंजाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के तहत 454 फार्मेसी ऑफिसर की नियुक्ति के लिए पिछले महीने की 19 तारीख को हुई लिखित परीक्षा रद्द करने की मांग की गई थी। याचिका में दावा किया गया कि संगठित धोखाधड़ी रैकेट ने इस परीक्षा में अनियमितता की। पिछले महीने की 28 तारीख को पारित अंतरिम आदेश में अदालत ने निर्देश दिया था चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय याचिका पर सुनवाई के बाद होगा।
19 जुलाई को हुई थी घटना
पंजाब पुलिस ने पिछले महीने की 19 तारीख को भर्ती परीक्षा के दौरान चलाए जा रहे अंतरराज्यीय धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने रैकेट में शामिल कई लोगों को गिफ्तार किया और उनके पास से बैट्री चालित 27 वायरलेस उपकरण भी जब्त किए। परीक्षा के दौरान पेन कैमरा और रियल टाइम डिक्टेशन उपकरण के इस्तेमाल का भी पता लगा। जांच से यह बात उजागर हुई कि इस रैकेट ने उम्मीदवारों से पास मार्क सुनिश्चित करने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये से लेकर तेरह लाख रुपये तक की वसूली की।
कई जिलों में हुई घटना
फरीदकोट, कोटकपुरा और फिरोजपुर में 25 परीक्षा केन्द्रों में फॉर्मेसी ऑफिसर के 454 पदों के लिए लगभग सात हजार उम्मीदवार शामिल हुए। यह परीक्षा बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने संचालित की थी।
शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगा विपक्ष ने
विपक्षी दलों ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर इस घटना का आरोप लगाया है तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की है।

















