भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार द्वारा आयोजित 16वें नियुक्ति मेला–2026 में सोमवार को 9 विभिन्न विभागों में कुल 1326 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए जनसेवा को सरकारी नौकरी का मूल उद्देश्य बताया और उन्हें ईमानदारी, संवेदनशीलता तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की सलाह दी।
सरकारी सेवा का मापदंड: नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में सफलता पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि एक अधिकारी अपने कार्यकाल में आम लोगों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला पाता है। उन्होंने नव-नियुक्त कर्मियों से आग्रह किया कि जब भी कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर उनके पास आए, तो वे उसकी बात सम्मानपूर्वक सुनें और समयबद्ध समाधान के लिए सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
भुवनेश्वर रेलवे ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास, पंचायत राज एवं पेयजल, ऊर्जा, कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मत्स्य एवं पशुपालन, खेल, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा आबकारी विभाग सहित कुल 9 विभागों में नियुक्तियां की गईं। इन नियुक्तियों से प्रशासनिक तंत्र को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
45,408 सरकारी नौकरियां: रोजगार सृजन पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जून 2024 से अब तक राज्य में कुल 45,408 सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
औद्योगिकीकरण से बढ़े अवसर, शुरू हुआ रिवर्स माइग्रेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए पिछले दो वर्षों में व्यापक प्रयास किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप लगभग 21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है, जिससे करीब 20 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में नई दिल्ली और नोएडा में आयोजित फूड प्रोसेसिंग रोड शो के दौरान निवेशकों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते ओडिशा में अब “रिवर्स माइग्रेशन” की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जो राज्य के आर्थिक विकास का सकारात्मक संकेत है।
2036 और 2047 के लक्ष्य: विकसित ओडिशा की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2036 तक समृद्ध ओडिशा के निर्माण और 2047 तक विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में राज्य को स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए दक्ष, अनुशासित और सेवा भावना से कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
ईमानदारी और निष्ठा के साथ सेवा का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें भ्रष्टाचार से दूर रहने और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने की सलाह दी। उपमुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी नव-नियुक्तों को बधाई देते हुए उन्हें ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया। पंचायती राज एवं पेयजल तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री रवि नारायण नायक ने कहा कि मानव सेवा ही सर्वोच्च धर्म है और सभी नव-नियुक्त कर्मियों को राज्य के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग और मत्स्य एवं पशुपालन विकास मंत्री श्री गोकुलानंद मलिक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती उषा पाढ़ी के स्वागत भाषण से हुई, जबकि पंचायत राज विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री गिरीश एस.एन. ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

















