हरियाणा के प्रसिद्ध बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता सुनील जागलान ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. (इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं संबंधित प्लेटफॉर्म) के खिलाफ जिला जींद के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। जागलान, जो कि विश्व प्रसिद्ध सेल्फी विद डॉटर अभियान एंव फांऊडेशन के संस्थापक हैं और पिछले एक दशक से ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के अधिकारों, लैंगिक समानता तथा बाल सुरक्षा के लिए सक्रिय हैं, ने अपनी शिकायत में मेटा कंपनी द्वारा भारतीय बाल संरक्षण कानूनों के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया है।
सीएसएएम विज्ञापनों पर मेटा घिरा, सरकार और एनएचआरसी सख्त
हाल के महीनों में देशभर में मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। बीबीसी आई की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि इंस्टाग्राम पर भारत में ऐसे भुगतान वाले विज्ञापन प्रसारित हुए जिनमें बाल यौन शोषण सामग्री की ओर इशारा करने वाले शब्द और लिंक शामिल थे। ये विज्ञापन उपयोगकर्ताओं को टेलीग्राम जैसे बाहरी प्लेटफॉर्म्स की ओर ले जाते थे, जहां अवैध सामग्री उपलब्ध कराने के दावे किए गए। इस रिपोर्ट के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने मेटा को सख्त नोटिस जारी कर ऐसे विज्ञापनों और सामग्री को तुरंत हटाने तथा विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए बिहार, चंडीगढ़, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और नई दिल्ली सहित कई राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे मेटा प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ पोक्सो अधिनियम, 2012 के तहत एफआईआर दर्ज करने पर विचार करें और जांच शुरू करें। आयोग ने साइबर क्राइम इकाइयों तथा विशेष किशोर पुलिस इकाइयों से यूआरएल की जांच, पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और संबंधित एजेंसियों से समन्वय का भी आग्रह किया है।
बच्चों की सुरक्षा पर मेटा की जिम्मेदारी
सुनील जागलान ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि मेटा जैसे विशाल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कंपनी की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। भारत में पोक्सो अधिनियम, 2012 के अंतर्गत बच्चों से जुड़े यौन शोषण संबंधी किसी भी सामग्री का निर्माण, भंडारण, प्रसारण या सुविधा प्रदान करना गंभीर अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराएं तथा इंटरमीडियरी दिशानिर्देश नियम भी प्लेटफॉर्म्स पर उचित सतर्कता बरतने और अवैध सामग्री को शीघ्र हटाने के दायित्व निर्धारित करते हैं। जागलान का कहना है कि मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली मेटा कंपनी को भारतीय कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए और बच्चों की सुरक्षा को मुनाफे से ऊपर रखना चाहिए।
उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि एनएचआरसी के निर्देशों के आलोक में मेटा के खिलाफ उचित जांच शुरू की जाए, डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण किया जाए तथा बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जागलान ने जोर दिया कि वे स्वयं किसी अवैध सामग्री तक नहीं पहुंचे हैं और यह शिकायत पूर्णतः सार्वजनिक हित में तथा उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के आधार पर दायर की गई है। सुनील जागलान का मानना है कि डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा हर नागरिक और संस्था की साझा जिम्मेदारी है। वे हरियाणा पुलिस, राज्य सरकार तथा केंद्र की संबंधित एजेंसियों से अपील करते हैं कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी बच्चा ऑनलाइन शोषण का शिकार न बने।
















