देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होते ही राजनीतिक हलचल और बयानबाजी तेज हो गई है. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत ‘वर्ग विशेष’ (मुस्लिम) के मतदाताओं को टारगेट करके उनके नामों पर सामूहिक आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं. वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पलटवार करते हुए कहा है कि फर्जी और घुसपैठियों के नाम हटने की आशंका से कांग्रेस बौखलाहट में है.
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और विधायकों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक संगठित गिरोह का षड्यंत्र करार देते हुए निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है.
कांग्रेस विधायकों का आरोप: “एक ही व्यक्ति ने दर्ज कराईं 29 आपत्तियां”
किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने आरोप लगाया कि राज्य में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है, जो SIR प्रक्रिया के तहत एक वर्ग विशेष के मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटवाने के लिए सुनियोजित तरीके से आपत्तियां लगा रहा है. उन्होंने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है.
इसी तरह, मंगलौर के कांग्रेस विधायक काज़ी मोहम्मद ने दावा किया कि उनके क्षेत्र के एक ही मतदान केंद्र (बूथ) पर एक ही व्यक्ति द्वारा 29 से अधिक वोटर्स के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जो निष्पक्ष प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है.
“बाजपुर क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराना एक गहरा राजनीतिक षड्यंत्र है। इसके खिलाफ कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायत और साक्ष्य मजबूती से रखेगा।” – यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष, उत्तराखंड विधानसभा
SIR वोटर लिस्ट विवाद पर कांग्रेस बनाम बीजेपी (मुख्य बिंदु)
| पक्ष / दल | मुख्य आरोप एवं बयान |
|---|---|
| कांग्रेस (तिलक राज बेहड़ & काज़ी मोहम्मद) | संगठित गिरोह द्वारा वर्ग विशेष (मुस्लिम) वोटर्स को टारगेट करने का आरोप. |
| नेता प्रतिपक्ष (यशपाल आर्य) | बाजपुर और अन्य क्षेत्रों में आपत्तियों को षड्यंत्र बताया; निर्वाचन आयोग जाएंगे. |
| बीजेपी (महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष) | घुसपैठियों और डुप्लीकेट वोटर्स के नाम हटने की प्रक्रिया से कांग्रेस को परेशानी. |
| कानूनी स्थिति | आपत्तियां लगाने का अधिकार सभी को है; अंतिम फैसला निर्वाचन अधिकारी का होगा. |
बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का पलटवार: “हार देखकर बहाने ढूंढती है कांग्रेस”
कांग्रेस के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि नियम के अनुसार आपत्तियां लगाने का अधिकार देश के हर नागरिक को प्राप्त है. प्राप्त आपत्तियों की जांच और उन्हें निरस्त या स्वीकार करने का पूरा कानूनी अधिकार केवल निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग के पास है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के मुख्य तर्क:
- डुप्लीकेट वोटर्स पर एक्शन: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट (दोहरे) वोटर्स की शिकायतें सामने आई हैं. पार्टी इस पर चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगी.
- वोट बैंक की राजनीति: कांग्रेस दोनों राज्यों में फर्जी और दोहरे वोट बैंक के सहारे चुनाव लड़ती आई है, जिसे SIR प्रक्रिया के जरिए दुरुस्त किया जा रहा है.
- सहानुभूति का नाटक: चुनाव में हार नजदीक देखकर कांग्रेस कभी EVM तो कभी SIR प्रक्रिया का रोना रोकर जनता को गुमराह करने का प्रयास करती है.
वर्तमान में उत्तराखंड में SIR के दूसरे चरण की जांच और आपत्तियों के निस्तारण का कार्य जारी है, जिसे लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हुई हैं.














