बीते कुछ सालों में पाकिस्तान में भारत के दुश्मन एक-एक कर मारे गए हैं। इसी क्रम में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के कमांडर रिजवान हनीफ ने दावा किया है कि 2020 से अब तक पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में भारतीय एजेंटों ने उनके 30 से ज्यादा लोगों को मार डाला है।
कमांडर ने क्या कहा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रिजवान हनीफ लश्कर के पीओके यूनिट के वांटेड डिप्टी चीफ है, उसने पाकिस्तान में एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उसका आरोप है कि पेशावर, कराची, रावलपिंडी, मुजफ्फराबाद और रावलाकोट जैसे शहरों में उनके लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इन हत्याओं को धार्मिक उत्पीड़न बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई बड़ा जुर्म नहीं था, बस आस्था की वजह से उन्हें मारा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में उन्होंने दूसरे धर्मों पर भी तीखे हमले किए। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि उनका संगठन अपना काम जारी रखेगा और अमेरिका या इजरायल जैसी विदेशी ताकतों की बात नहीं मानेगा।
पाकिस्तान में चल रही बयानबाजी
यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान की सेना की तरफ से भी तीखे बयान आ रहे हैं। पाकिस्तान आर्म्ड फोर्सेज के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी (डीजी ISPR) ने भी एक वीडियो में चरमपंथी अंदाज में बातें कही थीं। उन्होंने अफगानों को मुसलमान नहीं बताया था। ध्यान रहे कि चौधरी के पिता को अमेरिका ने आतंकवादी घोषित किया हुआ है।
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विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा विशेषज्ञ इन भाषणों को एक तरह की फेस-सेविंग नैरेटिव बता रहे हैं। यानी अपनी छवि बचाने और कहानी गढ़ने की कोशिश।
पीओजेके में चल रहा आंदोलन
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर पाकिस्तान की तरफ से सख्ती की जा रही है। खासकर रावलाकोट में हिंसक कार्रवाई की खबरें आई हैं, जिसकी काफी आलोचना हो रही है। इससे पाकिस्तान की वह छवि प्रभावित हो रही है जिसमें वह कश्मीरियों के हक का चैंपियन बनकर पेश होता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पीओजेके के प्रदर्शनकारियों को “दुश्मन” बताया। उन्होंने कहा कि ये लोग भारत जैसे ही दुश्मन हैं और इनसे कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए हमलों का भी बचाव किया।

















